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गुरुग्राम की सड़कों पर नहीं भरेगा पानी, अब ग्रीन बेल्ट से रुकेगा जलभराव; GMDA ने तैयार किया अनोखा प्लान

Published: Thu, 03 Sep 2026 09:14 PM (IST)

गुरुग्राम में सड़कों पर वर्षा जल जमाव रोकने के लिए जीएमडीए सनाथ रोड मॉडल लागू करेगा। इसके तहत ग्रीन बेल्ट ...और पढ़ें

गुरुग्राम की सड़कों पर अब नहीं भरेगा पानी। फोटो: आर्काइव

गुरुग्राम की सड़कों पर अब नहीं भरेगा पानी। फोटो: आर्काइव

HighLights

  1. सनाथ रोड मॉडल से पूरे गुरुग्राम में जल संचयन

  2. ग्रीन बेल्ट में वर्षा का पानी रोककर भूजल रिचार्ज

  3. सड़कों पर जलभराव रोकने को गुणवत्ता नियंत्रण अनिवार्य

जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। गुरुग्राम में वर्षा के दौरान सड़कों पर होने वाले जलभराव से निपटने के लिए गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) सड़क निर्माण के साथ जल संचयन की व्यवस्था को जोड़ने की तैयारी कर रहा है।

इसके लिए सनाथ रोड के बायो-स्वेल मॉडल को शहर के अन्य हिस्सों में भी लागू करने की दिशा में काम होगा। जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) पीसी मीणा ने इंजीनियरिंग विंग के अधिकारियों को सड़क किनारे ग्रीन बेल्ट का स्तर सड़क से नीचे रखने और वर्षा जल को वहां रोककर जमीन में उतारने की व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए हैं।

सनाथ रोड मॉडल की तर्ज पर होगा वर्षा जल का संचयन

सनाथ रोड पर सड़क के साथ ग्रीन बेल्ट को नीचे रखा गया है। वर्षा का पानी पहले इस हिस्से में पहुंचता है और बायो-स्वेल में रुकने के बाद आगे सरफेस ड्रेन में जाता है।

इस व्यवस्था से सड़क पर पानी का सीधा बहाव कम होता है और वर्षा जल को जमीन में पहुंचाने में भी मदद मिलती है। जीएमडीए अब इसी तरह की व्यवस्था को शहर में सड़क निर्माण और विकास कार्यों के साथ जोड़ने की तैयारी कर रहा है।

पहले छोटे हिस्से पर काम, फिर पूरे में लागू होगा डिजाइन

सीईओ ने निर्देश दिया है कि किसी भी सड़क, स्लिप रोड, ग्रीन बेल्ट या अन्य विकास कार्य को सीधे बड़े स्तर पर शुरू न किया जाए। पहले उसका एक छोटा हिस्सा तैयार कराकर गुणवत्ता, डिजाइन और उपयोगिता की जांच की जाएगी।

नमूना संतोषजनक पाए जाने के बाद ही पूरे हिस्से में काम आगे बढ़ाया जाएगा। इसका उद्देश्य खराब गुणवत्ता वाले कार्यों को शुरुआती स्तर पर ही रोकना है।

लापरवाही पर रुकेगा एजेंसियों का भुगतान

विकास कार्यों में लापरवाही को लेकर अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों को सख्त चेतावनी दी गई है। सीईओ ने कहा कि बिना निरीक्षण और स्वीकृति के काम आगे बढ़ाने वाली एजेंसी के बिल का भुगतान नहीं किया जाएगा।

काम की गुणवत्ता खराब मिलने पर संबंधित एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई भी की जा सकती है।

इंजीनियर पैदल चलकर जांचेंगे फुटपाथों की स्थिति

शहर के फुटपाथों की स्थिति सुधारने के लिए इंजीनियरों को अपने-अपने क्षेत्रों का पैदल निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारी स्वयं फुटपाथों पर चलकर देखेंगे कि राहगीरों को किन स्थानों पर परेशानी हो रही है और कहां कब्जे हैं।

बैठक में ‘म्हारी सड़क’ पोर्टल पर मिली सड़क संबंधी शिकायतों की भी समीक्षा की गई। बैठक में मुख्य अभियंता हेमंत कुमार, अधीक्षक अभियंता प्रवीण कुमार व सुधीर रांसीवाल, आईटी हेड सुशील कुमार सहित कार्यकारी अभियंता मौजूद रहे।

107.3 मिमी वर्षा में 26.90 करोड़ लीटर पानी का दबाव

नगर निगम गुरुग्राम की ओर से आईआईटी गांधीनगर से कराए गए तकनीकी अध्ययन में शहर के तीन प्रमुख क्षेत्रों में जलभराव की गंभीर स्थिति सामने आई है।

राजीव चौक, सुभाष चौक और शीतला माता रोड के 500 मीटर दायरे में 107.3 मिमी वर्षा के दौरान कुल 26.90 करोड़ लीटर पानी जमा होने का अनुमान है।

इसमें शीतला माता रोड पर सबसे अधिक 10.80 करोड़ लीटर, राजीव चौक पर 8.42 करोड़ लीटर और सुभाष चौक पर 7.68 करोड़ लीटर पानी एकत्र होता है।

शीतला माता रोड पर पानी की गहराई 0.32 से 0.55 मीटर तक पहुंच जाती है और पानी की निकासी में करीब 4.2 घंटे लगते हैं।

जलभराव वाले क्षेत्रों में अलग से होगी जल संचयन व्यवस्था

जलभराव से निपटने के लिए सुभाष चौक पर भूमिगत जल भंडारण टैंक बनाने की योजना है। वहीं, राजीव चौक और शीतला माता रोड पर वर्षा जल संचयन के लिए जमीन चिह्नित की जा रही है। संचित पानी को भूजल में पहुंचाने से पहले छह स्तर की सफाई और गुणवत्ता जांच की जाएगी।

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