अब नहीं ठप होंगे गुरुग्राम के उद्योग! श्रमिक विवादों को सुलझाने और कानून व्यवस्था के लिए पुलिस ने उठाया बड़ा कदम
गुरुग्राम पुलिस ने औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिकों से बेहतर समन्वय और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए 'लेबर लाइजन एंड इंडस्ट्रियल कोर्डिनेशन टीम' (एलएलआइसीटी) का गठन किया है।

सांकेतिक तस्वीर, एआई जनरेटेड।
HighLights
औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिकों से समन्वय हेतु नई पहल।
प्रत्येक थाने में 'लेबर लाइजन टीम' का गठन किया जाएगा।
औद्योगिक विवादों की रोकथाम और महिला सुरक्षा पर विशेष ध्यान।
जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। गुरुग्राम पुलिस ने औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिकों से बेहतर समन्वय के लिए नई पहल की है। बीते महीने आइएमटी मानेसर, बिलासपुर व अन्य क्षेत्रों में श्रमिक संगठनों के प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने यह कदम उठाया है।
अब जिले के हर थाने में श्रमिकों से समन्वय स्थापित करने और काननू व्यवस्था बनाए रखने के लिए अलग से टीम का गठन किया जाएगा।
औद्योगिक क्षेत्रों में कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने, उद्योग प्रबंधन, श्रमिक संगठनों तथा स्थानीय प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने, किसी भी औद्योगिक विवाद, धरना, प्रदर्शन अथवा हड़ताल जैसी परिस्थितियों में त्वरित व प्रभावी पुलिस प्रतिक्रिया के उद्देश्य से लेबर लाइजन एंड इंडस्ट्रियल कोर्डिनेशन टीम (एलएलआइसीटी) बनाई जाएगी।
गुरुग्राम के हर थाना क्षेत्र में लागू होगी व्यवस्था
इस व्यवस्था को गुरुग्राम के प्रत्येक थाना क्षेत्र में लागू किया जाएगा। इससे औद्योगिक क्षेत्रों में प्रभावी पुलिसिंग एवं समन्वय को और अधिक मजबूत बनाया जा सकेगा।
प्रत्येक थाना क्षेत्र में औद्योगिक इकाइयों की संख्या व आवश्यकता के आधार पर एक अथवा दो टीमों का गठन किया जाएगा। प्रत्येक टीम में चार से पांच पुलिसकर्मी नियुक्त किए जाएंगे।
टीमों में ऐसे पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी, जिनका व्यवहार उत्कृष्ट हो तथा जो उद्योग प्रबंधन, श्रमिक संगठनों व श्रम विभाग के साथ प्रभावी संवाद और समन्वय स्थापित करने में सक्षम हों।
औद्योगिक विवादों की रोकथाम, महिला सुरक्षा पर भी रहेगा फोकस
लेबर लाइजन टीमें श्रम विभाग, औद्योगिक इकाइयों, श्रमिक संगठनों, सुरक्षा प्रभारियों व ह्यूमन रिसोर्सेज अधिकारियों के साथ नियमित संपर्क बनाए रखेंगी। संवेदनशील औद्योगिक क्षेत्रों का नियमित भ्रमण करेंगी। श्रमिक विवाद, धरना, प्रदर्शन अथवा कानून व्यवस्था से संबंधित किसी भी स्थिति की सूचना तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाएंगी। महिला कर्मचारियों की सुरक्षा से जुड़े मामलों पर विशेष ध्यान देंगी। इसके अतिरिक्त बाहरी एवं असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर भी निरंतर निगरानी रखी जाएगी।
नियमित ड्यूटी चार्ट, प्रभावी पर्यवेक्षण व मासिक प्रशिक्षण की व्यवस्था
सभी टीमों के लिए संबंधित जोन के डीसीपी ड्यूटी चार्ट तैयार करेंगे। इसमें भ्रमण क्षेत्र, संपर्क अधिकारी एवं रिपोर्टिंग प्रणाली निर्धारित होगी। संबंधित जोन के एसीपी नियमित रूप से टीमों की कार्यप्रणाली की समीक्षा करेंगे। टीमों की कार्यकुशलता बढ़ाने के लिए प्रत्येक महीने एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें महिला सुरक्षा, इमरजेंसी रिस्पांस, क्राइसेस मैनेजमेंट और सूचना जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञ अधिकारी प्रशिक्षण देंगे।
गुरुग्राम पुलिस की यह पहल उद्योगों, श्रमिक संगठनों व पुलिस के बीच विश्वास, समन्वय एवं सहयोग को और अधिक सुदृढ़ बनाएगी। इससे औद्योगिक विवादों का समयबद्ध समाधान, महिला कर्मचारियों की सुरक्षा, संवेदनशील औद्योगिक क्षेत्रों में कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित पुलिस प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी।
-सिबाश कबिराज, पुलिस आयुक्त
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