गुरुग्राम में अवैध निर्माणों पर कार्रवाई की धीमी गति, 15 सितंबर तक रिपोर्ट सौंपने की चुनौती
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद गुरुग्राम में अवैध निर्माणों पर कार्रवाई की रिपोर्ट 15 सितंबर से पहले सौंपी जानी ...और पढ़ें

गुरुग्राम नगर निगम क्षेत्र में तोड़फोड़ की कार्रवाई की स्थिति संतोषजनक नहीं है।
HighLights
15 सितंबर तक अवैध निर्माणों पर कार्रवाई की रिपोर्ट सौंपने की तैयारी।
गुरुग्राम में 20 से अधिक अवैध निर्माण हॉटस्पॉट चिह्नित, कार्रवाई धीमी।
राजनीतिक हस्तक्षेप और कर्मचारियों की मिलीभगत से कार्रवाई में बाधा।
जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद नगर निगम क्षेत्र में तोड़फोड़ की कार्रवाई तो हुई लेकिन स्थिति संतोषजनक नहीं है। अब 15 सितंबर से पहले यह रिपोर्ट सौंपी जानी है। शहर में अवैध निर्माण के 20 से अधिक हाटस्पाट चिह्नित होने के बावजूद कार्रवाई धीमी है।
नगर निगम के रिकॉर्ड के अनुसार पिछले वर्षों में अवैध निर्माणों को लेकर बड़ी संख्या में नोटिस जारी किए गए, लेकिन इनमें से बहुत कम मामलों में तोड़फोड़ की कार्रवाई हो सकी। अब तक चलाए गए अभियानों में करीब 31 अवैध निर्माणों पर ही तोड़फोड़ की कार्रवाई हुई है।
बाद में राजनीतिक हस्तक्षेप के कारण तोड़फोड़ और अतिक्रमण हटाओ अभियान बंद हो गया था। आयुध डिपो के 900 मीटर प्रतिबंधित क्षेत्र में हजारों अवैध निर्माण हो चुके हैं। लेकिन कार्रवाई नहीं होने के कारण हाईकोर्ट के नियमों की अवहेलना हो रही है। इसके अलावा नए और पुराने गुरुग्राम में पीजी सहित अन्य अवैध निर्माण किए जा रहे हैं।
लंबे समय में इन्फोर्समेंट में टिके जेई
आउटसोर्स के माध्यम से इन्फोर्समेंट विंग में नियुक्त जेई लंबे समय से नहीं बदले गए हैं। विंग के कर्मचारियों की मिलीभगत के कारण फील्ड मेंं अवैध रूप से बहुमंजिला इमारतें खड़ी की जा रही हैं।
