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KYC और फोटो का दुरुपयोग कर जारी किए 50 फर्जी SIM, गुरुग्राम साइबर पुलिस ने आरोपित की कानपुर से की गिरफ्तारी

Published: Thu, 01 Oct 2026 08:02 PM (IST)

गुरुग्राम साइबर पुलिस ने कानपुर से एक वीआई पीओएस एजेंट को गिरफ्तार किया है, जिसने ग्राहकों के केवाईसी और लाइव ...और पढ़ें

50 फर्जी सिम बेचने वाले आरोपित को गुरुग्राम साइबर पुलिस ने कानपुर से गिरफ्तार किया है।

50 फर्जी सिम बेचने वाले आरोपित को गुरुग्राम साइबर पुलिस ने कानपुर से गिरफ्तार किया है।

HighLights

  1. वीआई एजेंट ने केवाईसी का दुरुपयोग कर 50 फर्जी सिम बेचे।

  2. गुरुग्राम साइबर पुलिस ने आरोपी विनय शर्मा को कानपुर से गिरफ्तार किया।

  3. एक धोखाधड़ी मामले की जांच में हुआ इस गिरोह का खुलासा।

जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। ग्राहक सिम लेने आता था और वीआई कंपनी का एजेंट उसकी केवाईसी और लाइव फोटो का दुरुपयोग कर उसकी जानकारी के बिना दूसरा सिम जारी कर देता था। फिर यही सिम साइबर ठगों को बेच दिए जाते थे। ऐसे ही 50 फर्जी सिम बेचने वाले आरोपित को गुरुग्राम साइबर पुलिस ने कानपुर से गिरफ्तार किया है।

पीओएस एजेंट बनकर करता था काम

आरोपित की पहचान कानपुर निवासी विनय शर्मा के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार आरोपित वीआई टेलीकाम सर्विस प्रोवाइडर के अंतर्गत पीओएस एजेंट के रूप में काम करता था। वह ग्राहकों से केवाईसी के लिए दस्तावेज और लाइव फोटो लेता और उसी डाटा से उनके नाम पर अतिरिक्त सिम एक्टिवेट कर देता था। ग्राहक को पता भी नहीं चलता था कि उसके नाम पर दूसरा सिम चल रहा है। इन सिम को वह अपने साथियों के जरिए साइबर ठगों तक पहुंचाता था और इसके बदले कमीशन लेता था।

1.71 लाख रुपये अग्रिम ट्रांसफर कर दिए

इस आरोपित के बारे में जानकारी तब सामने आई, जब एक ठगी के मामले में साइबर पुलिस उस व्यक्ति तक पहुंची, जिसके नाम सिम कार्ड था और उस सिम का इस्तेमाल कर ठगी की गई थी। पुलिस ने बताया कि 13 फरवरी को गुरुग्राम के एक फैक्ट्री मालिक ने साइबर थाना पश्चिम में धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई थी। बताया था कि उसकी कुकिंग आयल फैक्ट्री है। मूंगफली खरीदने के लिए उसने एक विक्रेता से संपर्क किया और 2,000 किलो मूंगफली के लिए 1.71 लाख रुपये अग्रिम ट्रांसफर कर दिए।

नेटवर्क और साथियों की तलाश कर रही

रकम मिलते ही आरोपित ऑर्डर भेजने का झांसा देता रहा और बाद में गायब हो गया। जांच में पता चला कि ठगी में इस्तेमाल किया गया मोबाइल नंबर आरोपित विनय शर्मा द्वारा ही ठगों को उपलब्ध कराया गया था। पुलिस ने तकनीकी ट्रेल के आधार पर बुधवार को उसे कानपुर से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपित ने बताया कि वह करीब छह महीने में अब तक करीब 50 फर्जी सिम साइबर ठगों को दे चुका है, जिसके बदले उसे करीब एक लाख रुपये मिले हैं। पुलिस अब उसके नेटवर्क और साथियों की तलाश कर रही है।