गुरुग्राम में अवैध पीजी पर निगम का शिकंजा, 1600 संचालकों को नोटिस; सीलिंग की तैयारी
गुरुग्राम नगर निगम ने नियमों का उल्लंघन कर चल रहे 1600 पीजी संचालकों को नोटिस जारी किए हैं। तीन दिन ...और पढ़ें
-1792150264330_m.webp)
गुरुग्राम में अवैध पीजी पर सीलिंग की तैयारी। जागरण
HighLights
1600 पीजी संचालकों को निगम का नोटिस।
वैध दस्तावेज दिखाने को तीन दिन की मोहलत।
नियमों का उल्लंघन करने पर पीजी होंगे सील।
संदीप रतन, गुरुग्राम। साइबर सिटी में नियमों को ताख पर रखकर संचालित किए जा रहे पीजी (पेइंग गेस्ट) और गेस्ट हाउस अब नगर निगम के रडार पर आ गए हैं।
नगर निगम की प्रापर्टी टैक्स विंग ने करीब 1600 पीजी संचालकों को नोटिस भेजकर उनकी वैधता से जुड़े दस्तावेज मांगे हैं। संचालकों को जवाब देने के लिए तीन दिन का समय दिया गया है।
निर्धारित अवधि में संतोषजनक जवाब और जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने वाले पीजी को सील करने की कार्रवाई की जाएगी। निगम की इस पहल से पीजी संचालकों में खलबली मच गई है।
नगर निगम के जोनल टैक्सेशन आफिसर पंकज कुमार के अनुसार, पीजी संचालकों को नोटिस जारी करने शुरू कर दिए गए हैं।
नोटिस के माध्यम से उनसे यह स्पष्ट करने को कहा गया है कि उनके पीजी नियमानुसार संचालित हो रहे हैं या नहीं। संचालकों को निर्धारित समय में वैधता से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। जवाब नहीं देने अथवा जरूरी दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
बता दें कि दिल्ली में पीजी और इमारतों से जुड़े हादसों के बाद गुरुग्राम में भी अवैध रूप से संचालित पीजी और गेस्ट हाउस की सुरक्षा पर सवाल उठते रहे हैं।
पांच हजार से ज्यादा पीजी-गेस्ट हाउस
गुरुग्राम में 5000 से अधिक पीजी और गेस्ट हाउस संचालित होने का अनुमान है। इनमें से कई के संचालन में भवन निर्माण नियमों और जरूरी अनुमतियों की अनदेखी की शिकायतें सामने आती रही हैं। सेक्टरों और कालोनियों में बने रिहायशी मकानों को पीजी में तब्दील कर दिया गया है।
10 हजार रुपये से ज्यादा किराया
साइबर सिटी में पीजी के नाम पर 10,000 रुपये या इससे अधिक मासिक किराया वसूला जा रहा है। इसके बावजूद कई जगह पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम, आपातकालीन निकास, अग्निशमन व्यवस्था और वेंटिलेशन जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। क्षमता से अधिक लोगों को ठहराने से आग लगने या अन्य आपात स्थिति में जान-माल का खतरा बढ़ जाता है। बेसमेंट का इस्तेमाल भी कई जगह निर्धारित नियमों के विपरीत किए जाने की शिकायतें हैं।
पीजी खोलने के लिए जरूरी हैं यह नियम
- भवन के स्वीकृत उपयोग, लागू भवन निर्माण नियमों और संबंधित विभागों की अनुमतियों का पालन
- भूमि उपयोग परिवर्तन या अन्य अनुमति आवश्यक
- भवन की श्रेणी और लागू प्रविधानों के अनुसार अग्निशमन सुरक्षा तथा अन्य जरूरी इंतजाम
1600 पीजी संचालकों को नोटिस भेजे
- 3 दिन नोटिस का जवाब देने और जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत करने की समयसीमा।
- 5000 से अधिक गुरुग्राम में पीजी और गेस्ट हाउस संचालित होने का अनुमान।
- 10,000 रुपये से अधिक कई पीजी में मासिक किराया।
- 2 से 3 हिस्से अधिक लोगों को ठहराने के लिए कई जगह कमरों को बांटा गया।
- 4 से 5 मंजिल, कुछ इमारतों में बिना स्वीकृत बिल्डिंग प्लान के निर्माण की शिकायतें।
