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गुरुग्राम वालों के लिए राहत की खबर, अब 50 रुपये प्रति टन की दर से उठेगा मलबा; नगर निगम का बड़ा फैसला

Published: Sat, 12 Sep 2026 05:10 PM (IST)

गुरुग्राम नगर निगम ने निर्माण एवं विध्वंस (सीएंडडी) वेस्ट के अवैध डंपिंग और प्रदूषण को रोकने के लिए नई दरें ...और पढ़ें

50 रुपये में घर से उठेगा सीएंडडी वेस्ट। जागरण

50 रुपये में घर से उठेगा सीएंडडी वेस्ट। जागरण

HighLights

  1. छोटे सीएंडडी वेस्ट जनरेटर को 50 रुपये प्रति टन सुविधा।

  2. बल्क जनरेटरों के लिए 360 रुपये प्रति टन शुल्क निर्धारित।

  3. अवैध डंपिंग और प्रदूषण रोकने हेतु निगम का नया कदम।

जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। गुरुग्राम शहर में निर्माण एवं विध्वंस (सीएंडडी) वेस्ट के अवैध डंपिंग और उससे होने वाले प्रदूषण पर रोक लगाने के लिए नगर निगम ने निस्तारण की दरें तय की हैं। छोटे सीएंडडी वेस्ट जनरेटर को अब महज 50 रुपये प्रति टन की दर से मलबा उठान की सुविधा मिलेगी।

नगर निगम के पोर्टल पर लिंक से आवेदन करना होगा और निगम की टीम यह मलबा उठाएगी। इससे सड़क किनारे, खाली प्लाटों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर मलबा डालने पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।

नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त यश जालुका ने सदन की बैठक में सीएंडडी वेस्ट के निस्तारण की दरों की जानकारी देते हुए बताया कि बल्क सीएंडडी वेस्ट जनरेटर के लिए 360 रुपये प्रति टन शुल्क निर्धारित किया गया है था। वहीं छोटे सीएंडडी वेस्ट जनरेटर के लिए शुल्क 50 रुपये प्रति टन रखा गया है।

पोर्टल से होगी बुकिंग

यश जालुका ने बताया कि सीएंडडी वेस्ट के निस्तारण के लिए पोर्टल के माध्यम से बुकिंग कराई जा सकती है। इसके जरिए वेस्ट के निस्तारण की प्रक्रिया को व्यवस्थित किया जाएगा और यह सुनिश्चित करने का प्रयास होगा कि निर्माण कार्यों से निकलने वाला मलबा निर्धारित स्थान पर ही पहुंचे।

बल्क जनरेटर को खुद पहुंचाना होगा मलबा

बल्क सीएंडडी वेस्ट जनरेटर के लिए घर या निर्माण स्थल से मलबा उठाने की सुविधा नहीं होगी। ऐसे जनरेटर को अपना सीएंडडी वेस्ट निर्धारित प्लांट तक पहुंचाकर जमा कराना होगा। निगम की ओर से अवैध डंपिंग पर रोक लगाने के लिए व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है।

बसई प्लांट पहुंचा 7.96 लाख मीट्रिक टन मलबा

अतिरिक्त आयुक्त ने बताया कि पिछले वर्ष बसई स्थित सीएंडडी वेस्ट प्लांट में करीब 7 लाख 96 हजार मीट्रिक टन मलबा पहुंचा था। इतनी बड़ी मात्रा में सीएंडडी वेस्ट उत्पन्न होने के कारण इसके निर्धारित तरीके से निस्तारण की जरूरत बढ़ गई है।

निगम का जोर मलबे को प्लांट तक पहुंचाने के साथ-साथ शहर में जगह-जगह होने वाली अवैध डंपिंग पर रोक लगाने पर है। इससे सड़कों, खाली प्लाटों और सार्वजनिक स्थानों पर मलबे के ढेर लगने औ इससे फैलने वाले प्रदूषण को कम करने में मदद मिलेगी।