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मानसून से पहले गुरुग्राम में डेंगू-मलेरिया की दस्तक, नए मामले मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

Published: Thu, 25 Jun 2026 03:32 AM (IST)Updated: Thu, 25 Jun 2026 07:36 AM (IST)

गुरुग्राम में मानसून शुरू होने से पहले मलेरिया के तीन और डेंगू के चार नए मामले सामने आए हैं, जिससे ...और पढ़ें

साइबर सिटी में डेंगू-मलेरिया का डंक रोकने की चुनौती बरकरार। (AI Generated Image)

साइबर सिटी में डेंगू-मलेरिया का डंक रोकने की चुनौती बरकरार। (AI Generated Image)

HighLights

  1. गुरुग्राम में मानसून पूर्व मलेरिया के तीन नए मामले।

  2. डेंगू के चार मरीज भी सामने आए, विभाग चिंतित।

  3. एंटी-लार्वा अभियान और बचाव जागरूकता जारी।

जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। मानसून शुरू होने से पहले ही जिले में मलेरिया के तीन नए मामले सामने आए हैं। अब विभाग के समक्ष मलेरिया की रोकथाम करना चुनौती है, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है।

वहीं अब तक डेंगू के चार मरीज भी सामने आ चुके हैं। विभाग की टीमों ने उन इलाकों का दौरा किया है। आसपास के घरों में सर्वे के अलावा लोगों को मलेरिया से बचाव व सावधानियों के बारे में बताया गया।

स्वास्थ्य विभाग की तरफ से मानसून से पहले ही डेंगू-मलेरिया से निपटने की कवायद शुरू कर दी है। बारिश के मौसम में साइबर सिटी में जलभराव की समस्या हो जाती है, जिसमें डेंगू-मलेरिया के मच्छर ज्यादा पनपते हैं। विभाग का दावा है कि इससे निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर एंटी लार्वा अभियान के तहत टीमें लगातार पानी में दवाइयों का छिड़काव करवा रही है।

इसके साथ ही 7 दिन तक कहीं पानी जमा नहीं हो इसके लिए भी प्रयास कर रही है। विभाग की तरफ से डेंगू व मलेरिया को लेकर सर्वे भी चलाया जा रहा है। इस सर्वे के तहत डोर-टू-डोर जाकर घर व दुकानों पर लार्वा की जांच की जाती है।

छह महीने में ढाई लाख से अधिक घरों तक पहुंची टीमें

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार एंटी लार्वा अभियान के तहत जनवरी 2026 से अब तक डेंगू-मलेरिया को लेकर करीब दो लाख 50 हजार घरों व सार्वजनिक स्थानों की जांच में करीब 410 स्थानों पर लार्वा मिला। स्वास्थ्य टीमें ने दवा का छिड़काव करके मलेरिया एवं डेंगू का लार्वा नष्ट किया जबकि 400 संबंधित व्यक्तियों को नोटिस जारी किए गए हैं।

मादा मच्छर के काटने के 6 से 8 दिन बाद शुरू होते मलेरिया के लक्षण

जिला मलेरिया अधिकारी डा. जय प्रकाश राजरीवाल ने बताया कि डेंगू और मलेरिया के लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करने और बरसात के मौसम में सावधानी बरतने की सलाह दी है। मलेरिया के लक्षण मादा मच्छरों के काटने के 6 से 8 दिन बाद शुरू होते हैं।

इसमें ठंड लगकर बुखार का आना और बुखार के ठीक होने पर पसीना आता है। इसके अलावा मरीज को थकान, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, पेट की परेशानी, उल्टियां, बेहोशी, एनीमिया, त्वचा में पीला पन आदि लक्षण महसूस होने पर जांच कराना बेहतर है।

यह है एंटी लार्वा अभियान

पक्षियों के लिए रखे पानी, घर-आफिस-फैक्ट्रियों में कूलर, होदी, छत पर रखी पानी की टंकी, रेफ्रीजरेटर की ट्रे, कंटेनर आदि में लार्वा की खोज की जाती है। मच्छर का लार्वा पाए जाने पर उसे नष्ट किया जाता है। घर-आफिस मालिक को नोटिस भी थमाया जाता है। सात दिनों बाद दोबारा चेकिंग की जाती है और लार्वा मिलने पर चालान की कार्रवाई हाेती है।

मलेरिया एवं डेंगू केस ट्रेंड रिपोर्ट

मलेरिया मरीज (2019 - 2025)
नोट: इस वर्ष (2026) अब तक मलेरिया के 3 केस सामने आए हैं।
वर्ष मलेरिया मरीज
2019 15
2020 04
2021 02
2022 00
2023 00
2024 02
2025 08
डेंगू मरीज (2018 - 2025)
वर्ष डेंगू मरीज मृत्यु
2018 93 03
2019 22 0
2020 51 0
2021 327 1
2022 440 0
2023 276 1
2024 186 0
2025 04 0

मच्छरों से बचाव के तरीके

  • सोते समय मच्छर दानी का उपयोग करें।
  • खिड़की दरवाजों में नेटिंग होनी चाहिए।
  • घर-आसपास पानी को एकत्र न होने दें।
  • शरीर को ढ़कने वाले कपड़े पहनें।
  • बुखार आने पर तुरंत जांच कराएं।

यह भी पढ़ें- मानसून के साथ बढ़ेगा डेंगू का खतरा, भोजपुर में स्वास्थ्य विभाग हाई अलर्ट पर





स्वास्थ्य विभाग के पास जांच और उपचार की पूरी व्यवस्था है। जलभराव वाले स्थानों पर दवा का छिड़काव कराया जा रहा है। मानसून के दौरान लोगों को साफ-सफाई के प्रति जागरूक होने की जरूरत है, ताकि डेंगू-मलेरिया के मच्छर को हराया जा सके।

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डा. लोकवीर, सिविल सर्जन, गुरुग्राम