देह व्यापार में किसी को पति ने धकेला तो किसी को दलालों ने, 40 महिलाओं ने बताया सच; भांग का लेती थीं 'सहारा'
गुरुग्राम में स्पा सेंटर और पीजी से बचाई गई 40 महिलाओं की काउंसलिंग में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। कई ...और पढ़ें

सफायर माॅल के स्पा सेंटरों पर कार्रवाई करती महिला आयोग व पुलिस की टीम। आर्काइव
HighLights
40 महिलाओं को गुरुग्राम के स्पा सेंटर और पीजी से बचाया गया।
काउंसलिंग में कई महिलाओं ने पतियों द्वारा धकेले जाने का खुलासा किया।
अधिकतर महिलाएं देह व्यापार के लिए भांग का सेवन करती थीं।
विनय त्रिवेदी, गुरुग्राम। स्पा सेंटर और सेक्टर-38 स्थित पीजी से दो दिनों में रेस्क्यू की गई 40 महिलाओं की काउंसलिंग में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई हैं। सिविल लाइंस स्थित वन स्टाप सेंटर में तीन दिनों तक चली काउंसलिंग के दौरान सामने आया कि किसी महिला को शुरुआत में जबरन देह व्यापार के लिए मजबूर किया गया तो किसी को उसके पति ने ही इस धंधे में धकेल दिया। इस घिनौने काम को करने के लिए अधिकतर महिलाएं भांग खाया करती थीं।
40 में से 30 बोलीं- अपनी मर्जी से आई धंधे में
हरियाणा महिला आयोग और गुरुग्राम पुलिस ने शुक्रवार और शनिवार को दो दिन के अभियान में 40 महिलाओं को पकड़ा था। सभी को वन स्टाप सेंटर में रखा गया। काउंसलिंग के दौरान 30 महिलाओं ने अपनी मर्जी से इस धंधे में आने की बात कही। अन्य ने मजबूरी और ज्यादा रुपयों के लालच में काम करने की जानकारी दी।
- 20 वर्षीय एक महिला ने बताया कि नाबालिग अवस्था में उससे जबरन देह व्यापार कराया गया। इसके बाद वह स्पा सेंटर में काम करने लगी।
- एक महिला ने कहा कि उसके पति ने ही देह व्यापार के धंधे में धकेल दिया।
- एक महिला ने बताया कि उसकी दो शादियां हुईं, लेकिन न तो पहला पति कमाता था, न तो दूसरा पति कोई काम करता था। इसलिए उसे यह काम करना पड़ा। पढ़ी लिखी न होने के कारण कहीं कोई काम न मिलने पर इस काम में आ गई।
भांग खाकर करती रहीं देह व्यापार
काउंसलिंग में पता चला कि इनमें से 35 महिलाएं नशे की आदी हैं। भांग की गोली खाकर वे देह व्यापार कर रही थीं। बताया कि भांग का नशा करने से उन्हें निगेटिविटी नहीं आती थीं। सेंटर की संचालिका पिंकी मलिक ने बताया कि नशे की लत के कारण एक महिला ने काउंसलिंग के दौरान उनके शरीर पर नोंच लिया। कई महिलाएं लगातार नशे की मांग कर रही थीं।
ज्यादातर महिलाएं हैं अनपढ़
काउंसलिंग में पता चला कि 10 से ज्यादा महिलाएं पूरी तरह अनपढ़ हैं। एक महिला 12वीं पास है, जबकि अन्य ने 8वीं से 10वीं तक पढ़ाई की है। संचालिका के मुताबिक ज्यादातर महिलाएं आर्थिक तंगी, पारिवारिक कलह और पति द्वारा छोड़ देने के कारण इस धंधे में आईं। कुछ को दलालों ने ज्यादा पैसे का लालच देकर फंसाया।
तीन दिन की काउंसलिंग और सुधारात्मक सत्र के बाद सभी महिलाओं को उनके परिवार वालों को सौंप दिया गया है। इनमें से पांच महिलाओं ने दोबारा अच्छी नौकरी करने की बात कही है।
