जागरण संवाददाता, गुरुग्राम: साइबर सिटी माइक्रो, स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज (एमएसएमई) का बड़ा हब है। इन उद्योगों की चुनौतियां दिनों दिन बढ़ती जा रही हैं, जिसके कारण इनका विकास और विस्तार लगातार प्रभावित होता जा रहा है। ऐसे में इस श्रेणी में आने वाले उद्योगों को विशेष सुविधा और प्रोत्साहन की जरूरत है। इन उद्योगों की मांग और चुनौतियों से केंद्र सरकार को अवगत कराने को लेकर गुड़गांव इंडस्ट्रियल एसोसिएशन (जीआइए) के अध्यक्ष ने केंद्रीय एमएसएमई मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखा है और उनसे मिलने का समय मांगा है।

एमएसएमई क्षेत्र के उद्योग आज भी सबसे बड़े रोजगार प्रदाता हैं। दिनों दिन इनकी चुनौतियां बढ़ती जा रही हैं और रोजगार की संभावनाएं भी कम होती जा रही हैं। इनकी सबसे बड़ी परेशानी फंड को लेकर है। छोटे उद्योगों को बैंकों से कर्ज मिलना काफी कठिन है। गुरुग्राम जैसे महंगे शहर में एमएसएमई श्रेणी की कंपनियों लिए जमीन और किराया दोनों काफी महंगे हैं। इस कारण इस क्षेत्र में अधिक विस्तार और विकास नहीं हो पा रहा है। उद्योग जगत द्वारा लगातार यह बात कही जा रही है कि जमीनी स्तर पर छोटे उद्योगों के लिए काफी कुछ ठोस करने की जरूरत है। इनका उत्पादन का खर्च तेजी से बढ़ता जा रहा है। जिस कारण वह औद्योगिक प्रतिस्पर्धा में पिछड़ते जा रहे हैं।

एमएसएमई क्षेत्र के उद्योगों की चुनौतियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। इस ओर केंद्र सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए केंद्रीय एमएसएमई मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखा गया है। जिसमें उनसे मांग की गई है कि जीआइए का एक प्रतिनिधिमंडल छोटे उद्योगों के को लेकर उनसे बात करना चाहता है।

जेएन मंगला, अध्यक्ष, जीआइए

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस