संदीप रतन, गुरुग्राम

नगर निगम गुरुग्राम की विज्ञापन शाखा द्वारा फर्जी नोटिस भेजकर विज्ञापन लगाने वालों से वसूली का खेल चल रहा है। सोमवार को स्वतंत्रता सेनानी सभागार में हुई नगर निगम सदन की बैठक में पार्षदों ने कर्मचारियों और अधिकारियों पर विज्ञापनों के नाम पर फर्जीवाड़ा करने के आरोप लगाए हैं। पार्षद सुभाष सिगला ने बैठक में नगर निगम आयुक्त मुकेश कुमार आहुजा से कहा कि विज्ञापन लगाने वालों को फीस जमा कराने के लिए लाखों रुपये के नोटिस भेजे जा रहे हैं। लेकिन इन नोटिस का नगर निगम की विज्ञापन शाखा में कोई रिकार्ड नहीं है। बाहरी तौर पर नोटिस तैयार कर भेज दिए जाते हैं। इस मेयर मधु आजाद ने कहा कि यह गंभीर मामला है और इसकी जांच होनी चाहिए कि पैसे लेकर नोटिस कौन फाड़ रहा है। बता दें कि शहर में जगह-जगह अवैध विज्ञापन लगे हुए हैं। इससे करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है।

सबसे ज्यादा फीस, आय सबसे कम

प्रदेश में विज्ञापन लगाने के रेट सबसे ज्यादा गुरुग्राम में हैं। लेकिन आय सबसे कम हो रही है। विज्ञापनों से आय का आंकड़ा सालाना 12 से 14 करोड़ से ऊपर नहीं पहुंचा है। अवैध यूनीपोल, वाल रैप, एलईडी, होर्डिंग-बोर्ड आदि लगाकर राजस्व का चूना लगाया जा रहा है। साइबर हब, गोल्फकोर्स रोड, गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन और एमजी रोड तथा सोहना रोड के शापिग माल में अवैध विज्ञापन लगे हुए हैं। - - - प्रापर्टी टैक्स सर्वे में गड़बड़ी, भ्रष्टाचार के आरोप

निगम सदन की बैठक में टैक्स में गड़बड़ी का मुद्दा भी पार्षदों ने उठाया। पार्षद सुभाष सिगला ने कहा कि याशी कंपनी ने सर्वे में गड़बड़ कर दी है। इस निजी कंपनी पर निगम की ओर से क्या एक्शन लिया जा रहा है। जेडटीओ गुलशन सलूजा ने कहा कि जहां-जहां पर टैक्स की गड़बड़ियां मिल रही है, उसको नगर निगम की टैक्स विग और याशी कंपनी के प्रतिनिधि मिलकर ठीक कर रहे हैं। पार्षद संजय प्रधान ने कहा कि याशी कंपनी वाले बिल ठीक करने के एवज में एक-एक लाख रुपये ले रहे हैं। निगमायुक्त मुकेश कुमार आहुजा ने कहा कि टैक्स बिलों को ठीक करने के लिए चारों जोन में चार कैंप लगाए जाएंगे।

एक साल में नहीं लगी 200 लाइटें

पार्षदों ने कहा कि हर वार्ड में 200-200 स्ट्रीट लाइटें लगाई जानी थीं, लेकिन नहीं लगीं। एक्सईएन विशाल गर्ग ने कहा कि वार्ड 19 में एक महीने के अंदर दस लाइटें लगी हैं। पार्षद ब्रह्म यादव ने कहा कि अगर चीफ इंजीनियर पर निगम के काम बोझ ज्यादा है तो किसी और अधिकारी को जिम्मेदारी सौंप देनी चाहिए।

पार्षद-आरडब्ल्यूए विवाद गरमाया

बैठक में पार्षद सीमा पाहुजा ने कहा कि आफिस खाली करने को लेकर उर्वा (अरबन एस्टेट रेजिडेट्स वेलफेयर एसोसिएशन) को तीन नोटिस भेजे गए थे, लेकिन बाद में यथास्थिति के आदेश जारी कर दिए गए। उर्वा ने लाइब्रेरी पर कब्जा कर आफिस खोल रखा है, इसको खाली करवाया जाए। उर्वा से आफिस वापस लेने पर पार्षदों ने सहमति जताई। पार्षद संजय प्रधान ने कहा कि वार्ड 14 में सफाई व्यवस्था बेहाल है। सेक्टर जंगल बन गए हैं। पूरे गुरुग्राम में अव्यवस्था हो गई है। निगमायुक्त मुकेश कुमार आहुजा ने अतिरिक्त निगमायुक्त अमरदीप को निर्देश दिए कि वार्ड 14 का दौरा करें।

जलभराव हुआ तो सीएम से करूंगी शिकायत

मेयर मधु आजाद ने कहा कि शहर में अगर जलभराव हुआ तो सीएम से शिकायत की जाएगी। सेक्टर नौ और नौ ए की ड्रेन कनेक्टिविटी नहीं होने और जलभराव की समस्या को लेकर भी चर्चा की गई। यहां पर जीएमडीए ने सड़क के साथ ड्रेन का निर्माण नहीं किया है।

जनता की आवाज उठाने वाले सदन से गायब

पार्षदों का कार्यकाल सिर्फ चार महीने का और बचा है। दो नवंबर तक पार्षद और मेयर कुर्सी पर रहेंगे। कार्यकाल कम रहने के साथ ही पार्षदों का जोश भी गायब होता नजर आ रहा है। नगर निगम सदन की बैठक में एक या दो बड़े मुद्दों के अलावा कोई खास एजेंडा नहीं रहा। यहां तक कि बैठक में भी कुल 38 में से 27 पार्षद ही उपस्थित हुए।

Edited By: Jagran