जागरण संवाददाता, गुरुग्राम: बंधवाड़ी सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट का निर्माण कार्य जल्द शुरू होने की उम्मीद है। प्लांट के निर्माण की डेडलाइन इसी साल अगस्त तक तय की गई थी, लेकिन अभी तक निर्माण शुरू भी नहीं हो पाया है। प्लांट के निर्माण से पहले पर्यावरण मंत्रालय से पर्यावरण मंजूरी (एनवायरमेंट क्लियरेंस) लेनी होती है। अब मंत्रालय से प्लांट निर्माण की हरी झंडी मिलने के बाद ही बंधवाड़ी में रोजाना बढ़ रहे कूड़े के ढेर से निजात मिल सकेगी। गुरुग्राम और फरीदाबाद शहर में इको ग्रीन एनर्जी कचरा प्रबंधन कर रही है। यह प्लांट इसी कंपनी द्वारा लगाया जाना है।

दोनों शहरों में डोर टू डोर कचरा कलेक्शन कर वेस्ट टू एनर्जी प्लांट में कचरे से बिजली पैदा करने की योजना है। गुरुग्राम और फरीदाबाद से रोजाना करीब 1500 टन से ज्यादा कचरा निकल रहा है, जो बंधवाड़ी प्लांट पहुंच रहा है। लेकिन इसका निपटान नहीं होने से बंधवाड़ी में कूड़े का पहाड़ बनता जा रहा है। बंधवाड़ी में लगभग 25 लाख टन कूड़ा जमा हो चुका है। 2013 से नहीं हो रहा कूड़े का निपटान

2013 में बंधवाड़ी प्लांट आग लगने से खराब हो गया था। 2017 में इको ग्रीन एनर्जी ने गुरुग्राम और फरीदाबाद शहर के लिए कचरा प्रबंधन का काम शुरू किया था। लेकिन करीब दो साल बाद भी हालात बदले नहीं हैं। कंपनी डोर टू डोर कचरा कलेक्शन का कार्य भी 100 फीसद नहीं कर पाई है। पर्यावरण मंजूरी मिलने के बाद अब प्लांट निर्माण कार्य शुरू हो सकेगा और 2020 के अंत तक ही प्लांट का निर्माण कार्य पूरा होने की उम्मीद है। बंधवाड़ी में प्लांट लगाने के लिए पर्यावरण मंजूरी मिल गई है। इससे गुरुग्राम और फरीदाबाद दोनों शहरों को कूड़े की समस्या से निजात मिलेगी।

वाईएस गुप्ता, एडिशनल म्यूनिसिपल कमिश्नर गुरुग्राम

Posted By: Jagran

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