आदित्य राज, गुरुग्राम

पुलिस पदक के लिए चयनित सहायक पुलिस आयुक्त (क्राइम) प्रीतपाल आम लोगों के लिए सहज हैं लेकिन बदमाशों के लिए काफी कठोर। पिछले तीन साल से गुरुग्राम में तैनात हैं। इस दौरान 100 से अधिक बदमाशों को जेल की सलाखों के पीछे पहुंचाने में भूमिका निभा चुके हैं। वे कहते हैं कि सम्मान मिलने से जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। वह और अधिक सक्रियता दिखाएंगे। बदमाशों को जेल की सलाखों के पीछे पहुंचाने का प्रयास वह और तेज करेंगे। फिलहाल वह कुख्यात गैंगस्टर लारेंस बिश्नोई को प्रोडक्शन वारंट पर लाने के प्रयास में जुटे हैं। पंजाब पुलिस की पूछताछ पूरी होते ही उसे गुरुग्राम लाया जाएगा। पूछताछ से ही गुरुग्राम सहित आसपास के इलाकों में उसके नेटवर्क का पता चल सकेगा। उसके गैंग के 20 से अधिक गुर्गे पिछले चार महीनों के दौरान गिरफ्तार कर जेल भेजे जा चुके हैं।

मूल रूप से चरखी दादरी के मिर्च गांव के रहने वाले प्रीतपाल ने 13 फरवरी 1995 को एएसआइ के पद पर ज्वाइन किया था। ज्वाइनिग के बाद उन्होंने फरीदाबाद जिले में वर्षों तक सेवा दी। कई थानों के प्रभारी रहे। क्राइम ब्रांच से लेकर सीआइडी में रहे। स्टेट क्राइम में भी रहे। वर्ष 2019 में उन्हें हरियाणा पुलिस सर्विस का कैडर मिला। कुछ समय तक सीआइडी में रहने के बाद से गुरुग्राम में सहायक पुलिस आयुक्त (क्राइम) की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) के मानेसर परिसर में निर्माण कार्यों का टेंडर दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी मामले के लिए गठित एसआइटी के प्रमुख भी रहे। जब भी कोई बड़ा कांड होता है, एसआइटी गठित कर उसके प्रमुख की जिम्मेदारी प्रीतपाल को सौंपी जाती है। उनका कहना है कि उन्हें जो भी आदेश दिया जाता है, उसे पूरी ईमानदारी के साथ निभाने का प्रयास करते हैं।

Edited By: Jagran