संजय गुलाटी, गुरुग्राम

वैसे तो आम नागरिकों के चिकित्सा की जिम्मेदारी जिला अस्पताल के कंधों पर रहती है, लेकिन साइबर सिटी का जिला अस्पताल खुद बीमार है और आने वाले मरीजों को इलाज के बजाय बीमारियां परोस रहा है। अस्पताल का भीतरी हिस्सा हो, बाहरी या ऊपरी तल पर बने विभिन्न कक्ष, गंदगी के मामले में कमोबेश सभी की स्थिति एक जैसी है। खासकर उन कक्ष के बाहर भी गंदगी का अंबार लगा रहता है जहां नवजात बच्चों का टीकाकरण या जन्म प्रमाणपत्र बनाया जाता है। जिस पर शहर में विभिन्न मौकों पर स्वच्छता अभियान चलाने वाले चिकित्सकों की नजर भी नहीं जाती। शिशु टीकाकरण कक्ष के मुख्य द्वार व उसके सामने बने सीएमओ कार्यालय के पास ही कई दिनों से जमा पानी बीमारियों को दावत दे रही है, लेकिन अस्पताल प्रबंधन चिराग तले अंधेरा मुहावरा को सही साबित करने में लगी है। यही नहीं अस्पताल के ऊपरी हिस्से में बना जन्म एवं मृत्यु प्रमाणपत्र कक्ष के आस पास भी अस्पताल के कबाड़ का अंबार लगा है। जहां खराब हुए बेड और कूलर रखे गए हैं, जिसमें जमा पानी डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों को तो दावत दे ही रही है, साथ ही आस पास बैठने वालों के लिए खतरा भी पैदा कर रहे हैं।

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