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    सहरावन में टोल प्लाजा की योजना रद, सुरक्षा एजेंसियों के विरोध के बाद अब कुकड़ोला विकल्प

    Updated: Sun, 30 Nov 2025 01:49 AM (IST)

    सहरावन में दिल्ली-जयपुर हाईवे पर प्रस्तावित टोल प्लाजा अब नहीं बनेगा। ग्रामीणों ने टोल प्लाजा के निर्माण का विरोध किया था, जिसके कारण राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने यह फैसला लिया। ग्रामीणों का कहना था कि टोल प्लाजा बनने से उन्हें आर्थिक परेशानी होगी। NHAI ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया है कि सहरावन के पास कोई टोल प्लाजा नहीं बनाया जाएगा।

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    प्रतीकात्मक तस्वीर।

    आदित्य राज, गुरुग्राम। सहरावन गांव में दिल्ली-जयपुर हाईवे पर टोल प्लाजा बनाने की संभावनाएं पूरी तरह समाप्त हो गई हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ीं दोनों एजेंसियों ने कहा है कि टोल प्लाजा को कुछ मीटर आगे या पीछे करने से काम नहीं चलेगा। टोल प्लाजा बनाए जाने से राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा हो सकता है। ऐसे में अब गांव कुकड़ोला मोड़ के सामने हाईवे पर टोल प्लाजा बनाने का विचार किया जा रहा है। अगले 10 दिनों के भीतर इस बारे में निर्णय ले लिया जाएगा।

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    दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक जाम के पर्याय बने खेड़कीदौला टोल प्लाजा को मानेसर से आगे स्थानांतरित करने की योजना बार-बार फेल हो रही है। पहले पचगांव चौक पर टोल प्लाजा बनाने की योजना थी। टोल प्लाजा बनाने का काम शुरू हो चुका था।

    इस बीच ग्रामीणों ने चौक पर अंडरपास या फ्लाईओवर बनाने की मांग शुरू कर दी। ग्रामीणों की मांग की गंभीरता को देखते हुए गांव सहरावन के नजदीक टोल प्लाजा बनाने का निर्णय लिया गया। यहां पर भी टोल प्लाजा बनाने के लिए जमीन को समतल करने का काम शुरू ही हुआ था कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी एक एजेंसी ने विरोध दर्ज करा दिया।

    कुछ ही दिन बाद एक और एजेंसी ने विरोध दर्ज करा दिया। दोनों एजेंसियों ने कहा कि टोल प्लाजा बनाए जाने से राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा हो सकता है। ऐसे में अब कुछ मीटर आगे या पीछे टोल प्लाजा बनाने की संभावनाएं पूरी तरह खत्म हो गईं। सहरावन एवं पचगांव चौक के बीच में कुकड़ोला गांव के सामने ही टोल प्लाजा बनाए जाने का विकल्प बचा है।

    इस बारे में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को जानकारी दे दी है। एक दिसंबर से संसद सत्र शुरू हो रहा है। उस दौरान केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी दिल्ली में ही रहेंगे। अगले 10 दिनों के भीतर इस विषय को लेकर बैठक आयोजित की जाएगी।

    बैठक में स्थानीय सांसद व केंद्रीय योजना, सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्यवन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) राव इंद्रजीत सिंह एवं एनएचएआइ के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे। बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा से लेकर सभी विषयों पर विचार-विमर्श कर निर्णय लिया जाएगा ताकि योजना सिरे चढ़ जाए।

    विचार के साथ ही विरोध शुरू

    कुकड़ोला में टोल प्लाजा बनाए जाने के विचार के साथ ही विरोध शुरू हो गया है। कृष्णा अरावली फाउंडेशन के अध्यक्ष व सेवानिवृत मुख्य नगर योजनाकार प्रो. केके यादव कहते हैं कि कुकड़ोला के नजदीक अरावली की पहाड़ी में काफी संख्या में वन्यजीव हैं। नजदीक ही एक बड़ा तालाब है, जिसमें वन्यजीव अपनी प्यास बुझाने के लिए पहुंचते हैं।

    टोल प्लाजा बनने से वन्यजीव अशांत होंगे। इसका नतीजा यह होगा कि वन्यजीव इलाके से दूर चले जाएंगे। ऐसे में कुकड़ोला में टोल प्लाना बनाना कहीं से भी उचित नहीं है। उनका कहना है कि यदि टोल प्लाजा बनाना ही है तो पचगांव से आगे बिलासपुर के नजदीक बनाया जाए। मानेसर से पचगांव के बीच में कहीं भी टोल प्लाजा बनाना उचित नहीं।

    बता दें कि दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे पर खेड़कीदौला में संचालित टोल प्लाजा को हटाकर मानेसर से आगे पचगांव की तरफ बनाने को लेकर कई साल से विचार चल रहा है। खेड़कीदौला टोल प्लाजा में लेनों की संख्या कम होने की वजह से वाहनों का दबाव रहता है।

    "एक दिसंबर से संसद सत्र शुरू हो रहा है। अगले 10 दिनों के भीतर टोल प्लाजा कहां पर बनेगा, इस बारे में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के साथ बैठक कर निर्णय लिया जाएगा। अब हर विषय को ध्यान में रखकर ही निर्णय लिया जाएगा ताकि योजना सिरे चढ़े।"

    -राव इंद्रजीत सिंह, केंद्रीय योजना, सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)

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