जागरण संवाददाता, गुरुग्राम: वायु प्रदूषण की खतरनाक स्थिति को देखते हुए प्रदेश सरकार ने गुरुग्राम-फरीदाबाद सहित एनसीआर में आने वाले कई जिलों के सभी प्राइवेट और सरकारी स्कूल 17 नवंबर तक बंद रखने के निर्देश दिए हैं। रविवार देर शाम आए आदेश के बाद प्रशासन और जिला शिक्षा विभाग की ओर से आदेश की जानकारी भी स्कूल संचालकों को भेज दी गई है। कई स्कूल संचालक व स्कूल प्रिसिपल ने कहा सरकार के आदेश पर स्कूल तो बंद रखेंगे पर ऐसा करने के बजाय प्रदेश सरकार को वायु प्रदूषण कम करने लिए प्रयास युद्ध स्तर पर करने चाहिए।

जिला प्रशासन पंद्रह अक्टूबर लागू ग्रेप के नियमों का अनुपालन पूरी तरह से कराने में सफल नहीं हुआ है। एक स्कूल की प्रिसिपल ने कहा कि वायु प्रदूषण तो घर के आसपास भी होगा। बच्चे घर में कैद होकर तो पूरे दिन तो नहीं रहेंगे, बाहर निकलेंगे। जबकि स्कूल में पेड़-पौधे हैं। पानी का छिड़काव होता है। ऐसे में क्लास रूम में रहने पर बच्चे अधिक सुरक्षित हैं। घर से भी वह स्कूल बस या वैन से ही आते हैं।

कोरोना संकट के चलते पहले भी स्कूल कई महीने से बंद थे। अब पढ़ाई शुरू हुई तो वायु प्रदूषण का संकट आ गया। ऐसी नौबत क्यों आने दी गई? दीपावली में पटाखों को बेचने बनाने पर प्रतिबंध था पर जमकर पटाखे जलाए गए शादी समारोह में भी पटाखे छोड़े जा रहे हैं। सड़कों की हालत इतनी खराब की धूल उड़ती है।

सीसीए स्कूल सेक्टर चार की प्रिसिपल निर्मल यादव ने कहा बड़े दिनों बाद स्कूल खुले थे। वायु प्रदूषण को रोकने पर जोर देने की जरूरत है। स्कूल में तो हरियाली होने के चलते वायु प्रदूषण कम रहता है। विद्यार्थी कक्षा में सुरक्षित रहते हैं। सलवान पब्लिक स्कूल की प्रिसिपल रश्मि मलिक ने कहा कि आदेश का अनुपालन होगा। अभिभावकों को सूचित कर दिया गया है। वायु प्रदूषण कम करने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं। पहले कोरोना संकट से स्कूल नहीं खुले अब नया संकट सामने आ गया। स्कूल बंद तो रखेंगे पर इससे अधिक लाभ नहीं होने वाला। प्रशासन को वायु प्रदूषण कम करने के लिए वाहनों के दबाव पर भी रोक लगानी चाहिए। सरकारी या प्राइवेट कार्यालय में अकेले कार से जाने वाले एक ही जगह काम करने वालों के साथ वाहन शेयर कर जाएं। सड़कों पर पानी का छिड़काव किया जाए। पुराने वाहन बंद कराए जाएं।

यशपाल यादव, अध्यक्ष हरियाणा शिक्षण संस्थान संगठन बच्चों के स्वास्थ्य को देखते हुए स्कूल बंद करने का आदेश सरकार ने जारी किया है। स्कूल बंद होने से ट्रैफिक दबाव कम होगा। स्कूल के वाहन नहीं चलेंगे। वहीं व्यक्तिगत रूप से अभिभावक वाहन से स्कूल बच्चे को छोड़ने नहीं जाएंगे। वायु प्रदूषण रोकने के लिए प्रभावी इंतजाम किए जा रहे हैं।

डा. यश गर्ग, उपायुक्त गुरुग्राम

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