संवाद सहयोगी, सोहना (गुरुग्राम): गांव रायसीना से सटी अरावली पहाड़ी क्षेत्र में अवैध रूप से बनाए गए फार्म हाउस में से दस को बुधवार को तोड़ दिया गया। अवैध रूप से बने फार्म हाउस को तोड़ने के निर्देश सुप्रीम कोर्ट की ओर से अगस्त में दिए गए थे। कई माह बाद नगर परिषद सोहना की ओर से बड़ी कार्रवाई की गई। तोड़-फोड़ दस्ते के साथ सौ से अधिक पुलिस कर्मी थे। हालांकि, किसी तरह का विरोध नहीं हुआ। अधिकारियों का कहना है कि ढहाने का कार्य आगे भी जारी रहेगा।

दोपहर दो बजे से शुरू हुई तोड़फोड़ शाम सात बजे तक चलती रही। नायब तहसीलदार सोहना शैली मलिक को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया। उन्हीं के देखरेख में कार्रवाई हुई। चार जेसीबी लगाकर फार्म हाउसों की दीवार, कमरे, टीन शेड, बाथरूम व किचेन को तोड़ा गया। एक फार्म हाउस में स्विमिग पूल बना हुआ था उसे भी दस्ते ने तोड़ दिया। केयर टेकर से मिली सूचना के बाद तीन फार्म हाउस के मालिक पहुंचे पर अधिकारियों ने उनकी बात नहीं सुनी कार्रवाई चलती रही।

बता दें कि अरावली पहाड़ी क्षेत्र में कुल 424 फार्म हाउस अवैध तरीके से बने हुए हैं। कुछ फार्म हाउस राजनीतिक दलों के नेता, अधिवक्ता, डाक्टर, उद्योगपति, खेल जगत व फिल्म जगत की हस्तियों के हैं। अधिकतर ने अपने स्वजन के नाम से प्रापर्टी बना रखी है। सुप्रीम कोर्ट की तल्ख टिप्पणी के बाद अगस्त में कुछ फार्म हाउस तोड़ने के बाद नगर परिषद सोहना ने 250 फार्म हाउस मालिकों को नोटिस जारी की थी। नगर परिषद सोहना के कार्यकारी अधिकारी संदीप मलिक ने कहा कि कार्रवाई अदालत के निर्देश पर की गई है। अवैध फार्म हाउस यहां पर अब नहीं रह सकेंगे। अन्य को भी तोड़ा जाएगा।

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