संवाद सहयोगी, पटौदी (गुरुग्राम) : स्कूल में साथ-साथ पढ़ते वक्त दो छात्राओं में दोस्ती इतनी गहरी हो गई कि दोनों ने बालिग होने के बाद परिवार बगैर रजामंदी के समलैंगिक विवाह कर लिया। अदालत के सामने भी दोनों ने एक-दूसरे का जीवनसाथी बनाने तथा साथ रहने की बात कही तो अदालत ने उन्हें साथ रहने की अनुमित दे दी। जबकि, दोनों के घर वाले रिश्ते के लिए राजी नहीं थे।

दरअसल, पटौदी निवासी युवती झज्जर जिला के एक स्कूल में झज्जर निवासी युवती के साथ नौवीं तक पढ़ाई की थी। दोनों के परिवार झज्जर जिला के ही एक गांव के रहने वाले हैं। पर एक परिवार पटौदी क्षेत्र में रह रहा है। दोनों में रिश्ते इतने प्रगाढ़ बन गए कि एक-दूसरे को जीवनसाथी बनाने का फैसला ले लिया। पहले परिवार के आगे अपनी मंशा जाहिर की तो परिवार के लोगों ने समाज के विपरीत काम करने की नसीहत देकर एक-दूसरे को भूल जाने को कहा। पटौदी निवासी युवती दस दिन पहले लापता हो गई तो पिता ने पुलिस को शिकायत दी।

पुलिस ने शनिवार को युवती को खोज निकाला तो उसने पुलिस के आगे समलैंगिक विवाह करने की बात कही। युवती के साथ दूसरी युवती भी पटौदी थाने पहुंच गई। दोनों को पुलिस ने अदालत में पेश किया तो दोनों बताया कि वह बालिग हैं और समलैंगिक विवाह कर चुके हैं। एक युवती ने पैंट -शर्ट और कैप लगा रखी थी तो दूसरी युवती ने सलवार सूट और चूड़ी बहन रखी थी। कुछ देर के लिए अदालत के बाहर लोगों ने हंगामा भी किया, लेकिन दोनों ने स्वजन की बात नहीं मानी।

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