सत्येंद्र सिंह, गुरुग्राम

झज्जर में कैदी वैन पर हमलाकर तीन कैदियों को मौत के घाट उतारने की घटना के बाद राजू बसौदी पुलिस के लिए चुनौती बन चुका था। कुख्यात अनिल छिप्पी गैंग से हाथ मिलाकर राजू बसौदी ने छाजू गैंग के तीन गुर्गो को मौत के घाट उतार दिया था। कुख्यात राजू ने अपने गिरोह के साथ मिलकर फिल्मी अंदाज में वारदात को अंजाम दिया था। इस घटना से पुलिस के आला अधिकारी भी सकते में आ गए थे। तभी से पुलिस इसके पीछे लगी थी।

वारदात 10 मार्च 2012 को हुई थी। गुरुग्राम-झज्जर रोड पर एक ट्रक व तीन कारों में सवार होकर आए दो दर्जन बदमाशों ने रोहतक पुलिस के कैदी वाहन पर हमला कर तीन कैदियों को मौत के घाट उतार दिया था। दोपहर बाद साढ़े तीन बजे फिल्मी अंदाज में हुए हमले में बदमाशों ने कैदी वाहन को पहले ट्रक से टक्कर मार रोका। फिर तीन कारों में सवार बदमाशों ने ताबड़तोड़ गोली चलाई थीं। गोली लगने से गुरुग्राम की भोंडसी जेल के विचाराधीन कैदी श्रीभगवान व उसके भाई दिलबाग निवासी कारोर जिला रोहतक और सजायाफ्ता कैदी अनिल फौजी की मौत हो गई थी। गैंगवार के कारण अंजाम दी गई घटना में दो अन्य कैदी व दो पुलिस कर्मियों को भी गोली लगी थी। कैदियों को हत्या के एक मामले में रोहतक अदालत में पेश कर भोंडसी जेल लाया जा रहा था।

राजू बसौदी ने उस समय छिप्पी गैंग के सरगना अनिल छिप्पी से हाथ मिलाया था। अनिल की गैंगस्टर छाजू से रंजिश चल रही थी। अनिल छिप्पी ने छाजू गैंग के दिलबाग वे उसके भाई श्रीभगवान पर हमला कर मौत के घाट उतारा था। पुलिस वैन पर हमला कर तीन लोगों को मौत के घाट उतारने के बाद राजू बसौदी अपना दबदबा बनाने के लिए मौत का खेल खेलने लगा। राजू बसौदी ने अनिल छिप्पी के अलावा बड़े गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई, संपत नेहरा, अक्षय पलड़ा से भी तालमेल बना लिया रखा था।

गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड पर पुलिस वैन पर हमला कर कुख्यात संदीप काला को फरार कराने में भी राजू बसौदी का नाम आया। इस मामले में राजू बसौदी के खास गैंगस्टर नरेश सेठी को पुलिस ने गिरफ्तार भी कर लिया है। एसटीएफ के डीआईजी सतीश बालन भी बताते हैं कि संदीप काला को छुड़ाने में राजू के गुर्गों का अहम रोल रहा है। पुलिस रिमांड के दौरान इस मामले में भी गहनता से पूछताछ की जाएगी।

Posted By: Jagran

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