संवाद सहयोगी, सोहना: वार्ड आठ निवासी अरविद श्रीवास्तव को स्वस्थ होने के बाद सोहना नागरिक अस्पताल से छुट्टी मिल गई। उनकी बड़ी बेटी आयशा अस्पताल लेने पहुंची तो अपनी बेटी को देख कर अरविद के चेहरे पर खुशी लौट आई। छुट्टी मिलने के बाद कोरोना वार्ड से निकलते ही अरविद ने जोर से आवाज दी, थैंक्यू डाक्टर और सिस्टर। आपकी वजह से कोरोना जंग जीतकर नौ दिन बाद अपने परिवार में लौट रहा हूं। इस कोरोना संकट के समय में आप जैसा स्टाफ के लोगो की सेवा से ही मेरे प्राण बच पाए।

अरविद श्रीवास्तव ने अस्पताल से निकलकर बताया कि बुखार से पीड़ित थे। 30 अप्रैल को आरटीपीसीआर जांच कराई तो कोरोना संक्रमित निकले। कई जगह बेड के लिए कई प्राइवेट अस्पतालों में संपर्क साधा पर किसी अस्पताल में कोई बेड खाली नही मिला। घर मे सब लोग चितित थे। तभी पता चला की सोहना के सरकारी अस्पताल में आक्सीजन बेड उपलब्ध है। उनकी बेटी ने अस्पताल में भर्ती करा दिया। नौ दिन उनकी यहां के नर्सिंग स्टाफ व चिकित्सक ने इलाज दिया। वार्ड मे कार्यरत स्वास्थ्य कर्मी ने खूब देखभाल की, जिससे बिल्कुल ठीक हो गए। वरना एकबार तो उम्मीद ही टूट गई थी। अरविद ने कहा कि लोगों का भ्रम दूर करना चाहते हैं कि बड़े अस्पतालों में ही नहीं सरकारी अस्पताल में अच्छे काबिल चिकित्सक एवं इलाज की सुविधा है। उन्होंने मरीजों की तीमारदारी मे लगे लोगों का भी आभार जताया। उन्होंने लोगों से मास्क पहनने और शारीरिक दूरी बना कर रहने की अपील की।

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