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स्टांप ड्यूटी घोटाला: अदालत में पेश हुई कंप्लायंस रिपोर्ट

करोड़ों रुपये के स्टांप ड्यूटी घोटाले के एक मामले में सोमवार को ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट नवीन कुमार की अदालत में सुनवाई हुई। इस मामले की कंप्लाइंस रिपोर्ट को अदालत में प्रस्तुत किया गया। शिकायतकर्ता की ओर से अदालत में प्रोटेक्शन पिटीशन दायर की है। जिस पर सुनवाई 2

By JagranEdited By: Published: Mon, 21 Jan 2019 08:10 PM (IST)Updated: Mon, 21 Jan 2019 08:10 PM (IST)
स्टांप ड्यूटी घोटाला: अदालत  में पेश हुई कंप्लायंस रिपोर्ट
स्टांप ड्यूटी घोटाला: अदालत में पेश हुई कंप्लायंस रिपोर्ट

जागरण संवाददाता, गुरुग्राम: करोड़ों रुपये के स्टांप ड्यूटी घोटाले के एक मामले में सोमवार को ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट नवीन कुमार की अदालत में सुनवाई हुई। पुलिस द्वारा इस मामले की कंप्लायंस रिपोर्ट अदालत में पेश की गई। इस पर 28 फरवरी को सुनवाई सुनवाई होगी। शिकायतकर्ता रमेश यादव ने इस मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुरुचि अतरेजा ¨सह के आदेश के खिलाफ पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में भी अपील की है।

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बता दें कि मानेसर क्षेत्र के रमेश यादव ने पुलिस को शिकायत देकर आरोप लगाया था कि वर्ष 2009 से 2013 के बीच बिल्डर को फायदा पहुंचाने के लिए मानेसर तहसील के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने बिल्डर के साथ मिलकर नगर निगम की जमीन को निगम दायरे से बाहर दिखाकर रजिस्ट्री करा दी थी। निगम के दायरे से बाहर होने के कारण रजिस्ट्री में दो फीसद स्टांप ड्यूटी कम लगी। इस तरह से 53 रजिस्ट्री में सरकार को लगभग पांच करोड़ रुपये के राजस्व का घाटा हुआ। मामले की जांच एसीपी मानेसर द्वारा की गई थी, जिसमें यह आरोप सही पाए गए थे। इसे लेकर पुलिस ने एफआइआर दर्ज करने के बजाय मामले को राज्य सतर्कता ब्यूरो को भेज दिया। जहां पर मामला लंबित हो गया था।

इसके बाद शिकायतकर्ता ने अदालत की शरण ली। ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट नवीन कुमार की अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए मानेसर थाना पुलिस को एफआइआर दर्ज करने के आदेश दिए थे। अदालत के आदेश पर पुलिस ने तत्कालीन छह तहसीलदारों, पांच रजिस्ट्री क्लर्क तीन कंप्यूटर ऑपरेटर, 14 बिल्डर सहित 31 लोगों के खिलाफ पांच दिसंबर 2018 को मामला दर्ज कर लिया था। अदालत के इस आदेश के खिलाफ आरोपी सरबजीत ¨सह व देवेंद्र ने अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुरुचि अतरेजा की अदालत में अपील दायर की थी, जिस पर अदालत ने निचली अदालत के आदेशों पर रोक लगा दी थी।

इन आदेशों की प्रति जब मानेसर थाने में पहुंची तो पुलिस ने आदेशों के अनुसार कार्रवाई करते हुए एफआइआर को रद कर दिया। इसकी कंप्लायंस रिपोर्ट तैयार कर अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश के आदेशों की प्रति के साथ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट नवीन कुमार की अदालत में सोमवार को पेश की गई।


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