जागरण संवाददाता, गुरुग्राम : नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (एनएसजी) के नाम पर ठगी के मुख्य आरोपित प्रवीण यादव के गांव खुर्रमपुर खेड़ा स्थित घर एसआइटी पहुंची। काफी देर तक छानबीन के बाद भी कुछ नहीं मिला। उम्मीद थी कि प्रापर्टी के कुछ कागजात घर में मिल सकते हैं।

अब तक की छानबीन से सामने आया है कि वह ठगी का अधिक पैसा शेयर बाजार के साथ ही प्रापर्टी में लगाता था। उसके लगभग 45 खाते फ्रीज कराए जा चुके हैं। उनमें कितनी राशि जमा है, इस बारे में एसआइटी जानकारी हासिल करने में जुटी है। गिरफ्तारी के दौरान उसके कब्जे से 13 करोड़ 81 लाख 26 हजार रुपये बरामद किए गए थे। सात लग्जरी गाड़ियां बरामद की जा चुकी हैं।

जिले के गांव खुर्रमपुर खेड़ा निवासी प्रवीण यादव एनएसजी में डिप्टी कमांडेंट था। वह बीएसएफ से डेपुटेशन पर आया था। उसने एनएसजी के मानेसर कैंपस में सिविल वर्क के लिए टेंडर दिलाने के नाम पर पांच कंस्ट्रक्शन कंपनियों के साथ 133 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की थी। मामले में वह रिमांड पर चल रहा है जबकि उसकी पत्नी ममता यादव, बहन रितुराज यादव और बिचौलिये की भूमिका निभाने वाला दिनेश कुमार न्यायिक हिरासत में भोंडसी जेल में है। उसका बहनोई नवीन कुमार और पिता कमल सिंह फरार है। नवीन कुमार एनएसजी में असिस्टेंट कमांडेंट था।

सहायक पुलिस आयुक्त (क्राइम) प्रीतपाल का कहना है कि मुख्य आरोपित के घर से ऐसा कुछ भी बरामद नहीं हुआ है जिसके बारे में चर्चा की जा सके। मामले की जांच तेजी से की जा रही है। अन्य आरोपित भी जल्द गिरफ्त में होंगे।

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