जागरण संवाददाता, गुरुग्राम: मलबा मुक्त स्वच्छ गुरुग्राम अभियान के तहत नगर निगम द्वारा निर्माण एवं तोड़फोड़ गतिविधियों से उत्पन्न होने वाले मलबे के निस्तारण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके तहत निजी कंपनी आइएलएंडएफएस द्वारा बसई में बनाया गया मलबा प्रबंधन प्लांट चालू कर दिया गया है। नगर निगम आयुक्त एवं जिला उपायुक्त अमित खत्री ने बताया कि शहर में निर्माण एवं तोड़फोड़ गतिविधियां काफी अधिक होती हैं, जिनके चलते यहां पर मलबा काफी मात्रा में उत्पन्न होता है। इस मलबे की समस्या के समाधान के लिए नगर निगम द्वारा काफी ठोस कदम उठाए गए हैं।

इसी के तहतआइएलएंडएफएस द्वारा बसई में मलबा प्रबंधन यूनिट की शुरुआत कर दी गई है, जिसमें मलबे से टाइल, क्रेशर आदि कई प्रकार की निर्माण गतिविधियों में उपयोग होने वाली सामग्री बनाई जाएगी। इस प्लांट की क्षमता 300 टन प्रतिदिन की है, जिसे 1500 टन प्रतिदिन तक बढ़ाने का प्रावधान रखा गया है। इसके साथ ही बसई रोड़ स्थित ऑटो मार्केट साईट पर पड़े मलबे के निस्तारण के लिए दो मोबाइल यूनिट लगाई जाएंगी। प्रत्येक की क्षमता 200 टन प्रतिदिन मलबा निस्तारण की होगी।

उन्होंने बताया कि अब तक शहर के विभिन्न स्थानों पर पड़े 70 हजार टन मलबे को उठाया जा चुका है। मलबे की समस्या के समाधान के लिए नगर निगम एवं जिला प्रशासन पूरी तरह से गंभीर है और गुरुग्राम के मंडलायुक्त अशोक सांगवान भी इस बारे में बैठक करके संबंधित विभागों को मलबे की समस्या के समाधान बारे निर्देश दे चुके हैं। नगर निगम द्वारा इस कार्य के लिए कार्यकारी अभियंता अमित सांडिल्य को नोडल अधिकारी बनाया गया है। मलबा डालने के लिए 15 स्थान निर्धारित किए गए हैं। घर-घर से मलबा उठान की है व्यवस्था

अगर आप किसी भी प्रकार की निर्माण या तोड़फोड़ गतिविधियां कर रहे हैं और इससे उत्पन्न होने वाले मलबे का उठान करवाना है, तो मोबाइल नंबर 9466726263 और 7005674475 पर संपर्क करें। नगर निगम द्वारा इस कार्य के लिए दो एजेंसियों को पहले से अनुबंधित किया हुआ है। एजेंसी की अधिकृत गाड़ियां घरों से मलबा उठाएंगी। इसकी एवज में नगर निगम द्वारा निर्धारित की गई दरों के अनुसार भुगतान करना होगा।

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस