जागरण संवाददाता, गुरुग्राम: बल्क वेस्ट जेनरेटरों (ज्यादा मात्रा में कचरा पैदा करने वाले) द्वारा कंपोस्ट प्लांट नहीं लगाए जा रहे हैं। ऐसे में बंधवाड़ी स्थित लैंडफिल साइट पर कूड़े की समस्या बढ़ती जा रही है। बंधवाड़ी में लगभग 30 लाख टन कूड़ा जमा हो चुका है और वेस्ट टू एनर्जी प्लांट स्थापित करने के लिए भी जमीन नहीं बची है। लैंडफिल साइट की 30 एकड़ जमीन पर कूड़ा फैला हुआ है। कंपोस्ट प्लांट या यूनिट में गीले कचरे से खाद बनाई जाती है।

बता दें कि 50 किलोग्राम या इससे अधिक कचरा निकालने वाले संस्थानों जैसे विश्वविद्यालयों, रेस्टोरेंट, मिठाई की दुकानों, अस्पताल, बड़ी-बड़ी औद्योगिक इकाइयों, आरडब्ल्यूए आदि को अपने यहां पर कंपोस्ट प्लांट लगाना जरूरी है। इसके लिए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने भी गाइडलाइन जारी कर रखी है। नगर निगम क्षेत्र में 1800 से ज्यादा बल्क वेस्ट जनरेटर हैं, लेकिन ज्यादातर ने कंपोस्ट प्लांट नहीं लगाए हैं। 25 हजार रुपये जुर्माने का है प्रावधान: नगर निगम की ओर से कंपोस्ट प्लांट नहीं लगाने वालों पर 25 हजार रुपये जुर्माना लगाने का भी प्रावधान है। पिछले दिनों निगम की टीम ने जुर्माना लगाने के लिए अभियान भी चलाया था। गीले कचरे से खाद बनाने के लिए कंपोस्ट बनाने के लिए नगर निगम लोगों को प्रेरित करेगा ताकि स्वच्छता रैंकिग भी बेहतर हो सके। 2013 के बाद से बंधवाड़ी में कूड़े का निपटान नहीं हो पा रहा है। नया वेस्ट टू एनर्जी प्लांट नहीं लगा है। अगर शहर में ही गीले कचरे को अलग इससे खाद बनानी शुरू कर दी जाए तो लैंडफिल साइट पर कूड़े का बोझ कम हो जाएगा।

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