जागरण संवाददाता, गुरुग्राम: सदर बाजार स्थित जामा मस्जिद के पास मुस्लिम युवक के साथ मारपीट की घटना में पुलिस ने स्पष्ट कर दिया कि पीड़ित युवक के साथ केवल एक युवक ने मारपीट की थी। पुलिस ने यह दावा एक सीसीटीवी फुटेज के आधार पर किया है। आरोपित को पकड़ने तथा पूरे मामले की तह तक जाने के लिए पुलिस आयुक्त ने विशेष जांच टीम (एसआइटी) का गठन किया है।

पुलिस आयुक्त मोहम्मद अकील ने भी मंगलवार को मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि घटना को सांप्रदायिक रंग देने वालों के खिलाफ भी सख्त कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा आरोपित को हर हाल में पकड़ा जाएगा अपराध करने वाले व्यक्ति का कोई धर्म नहीं होता है। पूरी सच्चाई गिरफ्तारी होने के बाद ही सामने आएगी। पुलिस आयुक्त ने यह भी कहा कि पीड़ित ने जय श्रीराम व भारत माता के नारे लगाने की कोई बात एफआइआर में नहीं लिखवाई है। बयान में सिर्फ टोपी नहीं पहनने देने तथा मारपीट करने की बात कही है।

दरअसल, जैकबपुरा में किराये पर रहने वाले मूल रूप से बिहार के बेगूसराय जिले के गांव हसनपुर निवासी मोहम्मद बरकत आलम ने रविवार को मामला दर्ज कराया था। उनकी शिकायत थी कि शनिवार रात जामा मस्जिद के नजदीक एक समुदाय के युवक ने कहा कि टोपी पहनकर कहां जा रहा है। इसके बाद उनके साथ मारपीट शुरू कर दी गई। हालांकि पीड़ित द्वारा मीडिया व पुलिस को दिए गए बयान में काफी अंतर है। पीड़ित ने कई युवकों द्वारा मारपीट किए जाने की बात भी कहीं थी मगर पुलिस दावा कर रही है सीसीटीवी फुटेज में पीड़ित व आरोपित के बीच ही मामला हुआ है।

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