जागरण संवाददाता, गुरुग्राम: शहर की खस्ताहाल सड़कें लोगों को बेहाल कर रही हैं। ज्यादातर सड़कों में गड्ढे हो चुके हैं। इन सड़कों पर वाहनों से पैदल चलना आसान नहीं है। लगभग एक वर्ष से सड़कें टूटी हुई हैं। जुलाई में मानसून से पहले सड़कों की मरम्मत का कार्य किया जाना था, लेकिन मानसून बीतने के डेढ़ माह बाद भी जिम्मेदार अधिकारियों ने इनकी सुध नहीं ली है। सेक्टरों की सड़कों के अलावा मुख्य सड़कें भी टूट चुकी हैं। निगम अधिकारियों का दावा है कि सड़कों की मरम्मत के लिए टेंडर प्रकिया शुरू कर दी गई है। 30 नवंबर से पहले सड़कों को दुरुस्त कर दिया जाएगा।

टूटी सड़कों से लग रहा ट्रैफिक जाम

टूटी सड़कों पर वाहनों के धीरे चलने के कारण लंबा ट्रैफिक जाम लग रहा है। इससे दस मिनट के सफर में भी 30 मिनट से ज्यादा लग रहे हैं। हीरो होंडा चौक से उमंग भारद्वाज चौक और पूरा पटौदी रोड टूट चुका है। बारिश के दिनों में जलभराव में ये दोनों सड़कें डूब जाती हैं। इन सड़कों पर संभलकर कर चलें

- जर्जर सड़कों पर हादसा होने का डर रहता है।

- सेक्टर दस व दस ए की सड़कें टूट चुकी हैं।

- सेक्टर 9 ए क्षेत्र, सेक्टर पांच की सड़कों में गहरे गड्ढ़े हो गए हैं।

- बजघेड़ा से वाया दौलताबाद बसई तक सड़क की हालत ठीक नहीं है।

- द्वारका एक्सप्रेस वे पर सड़क जर्जर होने के कारण जलभराव होता है।

- सेक्टर 109 रोड सहित गढ़ी हरसरू में भी सड़क चलने लायक नहीं है। टूटी सड़कों की मरम्मत के लिए नगर निगम टेंडर लगा रहा है। 30 नंवबर तक सड़कों की मरम्मत का कार्य पूरा कर लिया जाएगा।

ठाकुर लाल शर्मा, मुख्य अभियंता नगर निगम गुरुग्राम।

निगम अधिकारियों ने नहीं सुनी तो पार्षद ने भरवाए सड़कों के गड्ढे

(28 जीयूआर 38)

जागरण संवाददाता, गुरुग्राम: नगर निगम के अधिकारी आमजन तो दूर पार्षदों की भी नहीं सुनते हैं। पूरे शहर की सड़कें जर्जर हो चुकी हैं, लेकिन मरम्मत का कार्य शुरू नहीं किया गया है। जब निगम अधिकारियों की नींद नहीं खुली तो वार्ड 15 की पार्षद सीमा पाहूजा ने खुद ही सेक्टर 4 से सड़कों के गड्ढे भरवाने के कार्य की शुरुआत की।

पार्षद ने बृहस्पतिवार को अपने निजी कोष से सेक्टर चार में गड्ढा मुक्त वार्ड बनाने के अभियान की शुरुआत करते हुए कहा कि नगर निगम की लापरवाही का खामियाजा आमजन भुगत रहा है। क्षेत्रवासियों व उन्होंने लिखित तथा मौखिक रूप से कई बार अधिकारियों से शिकायत की हुई है, लेकिन इस ओर प्रशासन कोई ध्यान ही नहीं दे रहा है। आमजन को लंबे समय से परेशान होना पड़ रहा है। बारिश के दौरान इन गड्ढों में पानी जमा हो जाता है। कई बार वाहन चालक गड्ढों के चलते चोटिल तक हो जाते थे।

पार्षद सीमा पाहूजा ने कहा कि जब नगर निगम ने क्षेत्रवासियों के आग्रह पर ध्यान नहीं दिया तो क्षेत्रवासियों से उनसे मुलाकात की। उनका कहना है कि वार्ड क्षेत्र में कोई भी गड्ढा नहीं रहेगा। इसके लिए वह पूरा प्रयास कर रही हैं। पार्षद का कहना है कि क्षेत्र में डेंगू तथा मलेरिया से बचाव के लिए फागिग भी कराई जा रही है।

Edited By: Jagran