जागरण संवाददाता, गुरुग्राम : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को देश भर की आंगनबाड़ी, आशा एवं एएनएम कार्यकर्ताओं से वीडियो कांफ्रें¨सग के जरिए रूबरू हुए। इस कांफ्रेंस के लिए गुरुग्राम के लघु सचिवालय में व्यवस्था की गई थी। प्रधानमंत्री के संबोधन को सुन गुरुग्राम की कार्यकर्ता उत्साहित नजर आईं। पीएम ने सभी से आग्रह किया कि वह पोषण के संबंध में समाज को जागरूक करें। सभी ने कहा कि प्रधानमंत्री के संदेश को वह जन-जन तक पहुंचाने का कार्य करेंगी।

प्रधानमंत्री 'पोषण माह' कार्यक्रम के अंतर्गत आशा वर्करों, एएनएम व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। इससे पहले गुरुग्राम के अतिरिक्त उपायुक्त मनीष शर्मा ने सभी आशा, एएनएम व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बताया कि सितंबर को पोषण माह के तौर पर देश भर में मनाया जा रहा है। इसका लक्ष्य प्रत्येक घर तक पोषण के संदेश को पहुंचाना है। पीएम के संदेश का मकसद कुपोषण के प्रति अलख जगाने के लिए कार्यकर्ताओं को प्रेरित करना है। ताकि जन्म के समय बच्चों के कम वजन के स्तर में कमी लायी जा सके। केंद्र सरकार ने नवंबर, 2017 में राष्ट्रीय पोषण मिशन की शुरुआत की थी जिसका उद्देश्य बौनेपन, कुपोषण, रक्ताल्पता और जन्म के समय बच्चों के कम वजन के स्तर में क्रमश: दो, दो, तीन एवं दो फीसद प्रतिवर्ष की दर से कमी लाना है।

प्रधानमंत्री ने सभी कार्यकर्ताओं को सुरक्षित मातृत्व अभियान को प्रचारित-प्रसारित करने का संदेश दिया। उन्होंने स्वास्थ्य और देश की उन्नति को आपस में जोड़ते हुए कहा कि यदि देश के बच्चे कमजोर होंगे तो विकास की गति भी धीमी होगी। केंद्र सरकार द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को दिए जाने वाले मानदेय में अच्छी खासी वृद्धि भी इसी कारण की गई है कि वह देश में बेहतर ढंग से काम कर सकें। इस कार्यक्रम में सिविल सर्जन डॉ. गुलशन अरोड़ा, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. एमपी ¨सह, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी नरेंद्र सारवान, महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला परियोजना अधिकारी सुनैना एवं डीआईओ विभु कपूर मौजूद रहीं।

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