आदित्य राज, गुरुग्राम

लॉकडाउन के दौरान जिले में जमकर शराब की तस्करी हुई। अभी भी जारी है। कहीं यह तस्करी ठेकेदारों ने तो नहीं कराई। इस बारे में जल्द ही पूरी जानकारी सामने आएगी। जिला उपायुक्त अमित खत्री ने आबकारी विभाग से इस बारे में विस्तृत जानकारी मांगी है। हालांकि विभाग के अधिकारी दावा कर रहे हैं कि 27 मई को जो शराब ठेकों के पास स्टॉक था वही स्टॉक ठेकों के खुलने के दिन यानी छह मई को था। अब प्रश्न उठता है कि जब स्टॉक में कमी नहीं फिर तस्करी के लिए शराब कहां से आई। आशंका है कि 27 मई को ही कुछ ठेकेदारों ने स्टॉक कम दिखा दिया था। बाद में शराब काफी अधिक कीमत पर बेची गई।

वैश्विक महामारी कोरोना की वजह से जिले में 22 मार्च से लॉकडाउन लागू है। 27 मार्च से शराब के सभी ठेके भी बंद कर दिए गए थे। छह मई को ठेके चालू किए गए। इस दौरान जिले में शराब की तस्करी चरम पर पहुंच गई थी, जो अभी भी जारी है। लॉकडाउन के बाद से गुरुग्राम पुलिस जहां 100 से अधिक लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है वहीं 20 हजार बोतल से अधिक शराब भी जब्त कर चुकी है। आबकारी विभाग ने भी अपने स्तर पर शराब की बरामदगी की है। यही नहीं शराब की ऑनलाइन तस्करी शुरू हो गई थी। इससे साफ है कि कुछ ठेकों से शराब बाहर निकाली गई। यह इससे भी प्रमाणित होता है कि कुछ ने चोरी की झूठी शिकायत दर्ज कराने का प्रयास किया था। एक ठेकेदार से जब पुलिस द्वारा कुछ सवाल किए तो वह फंस गया था। उसने स्वीकार किया था कि इंश्योरेंस का लाभ उठाने के लिए वह शिकायत देने आया था। यदि मामला दर्ज कर लिया जाता तो उसे इंश्योरेंस से पैसे मिल जाते।

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ठेकों को बंद करने के दिन क्या स्टॉक था और खोलने के दिन क्या, इस बारे में विस्तृत जानकारी आबकारी विभाग से मांगी गई है। रिपोर्ट से सबकुछ साफ हो जाएगा। यदि किसी भी स्तर पर गड़बड़ी की शिकायत मिलेगी, फिर कार्रवाई के लिए ऊपर लिखा जाएगा।

-अमित खत्री, जिला उपायुक्त, गुरुग्राम

Posted By: Jagran

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