जासं, गुरुग्राम: अखिल भारतीय साहित्य परिषद द्वारा मातृ भाषा ¨हदी विषय पर विचार व काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बतौर मुख्य वक्ता संस्था की अध्यक्ष कुमुद शर्मा, मार्गदर्शक डॉ. नंदलाल मेहता वागीश, त्रिलोक कौशिक व सविता स्याल ने अपना विचार रखा। कुमुद शर्मा ने कहा कि ¨हदी बोलने वालों की संख्या तो अधिक है, लेकिन ¨हदी के लिए जमीनी स्तर पर कार्य करने वाले व ¨हदी के हक की लड़ाई लड़ने वालों की संख्या कम है। वहीं सविता स्याल ने कहा कि बारहवीं कक्षा तक ¨हदी भाषा को अनिवार्य रूप से पढ़ाया जाना चाहिए ताकि भाषा और साहित्य के प्रति विद्यार्थियों में रुचि विकसित हो।

डॉ. मेहता ने कहा कि भाषा एक सांस्कृतिक प्रश्न है जिस पर विचार भी सांस्कृतिक ²ष्टिकोण से होनी चाहिए। विचार गोष्ठी के बाद आयोजित काव्य गोष्ठी में वरिष्ठ साहित्यकार चंद्रकांता, संतोष गोयल, सुनीति रावत, घमंडी लाल अग्रवाल, शारदा मित्तल व वीणा अग्रवाल समेत 30 कवियों ने काव्य पाठ किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में साहित्य क्षेत्र से जुड़े लोग मौजूद रहे।

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