जागरण संवाददाता, गुरुग्राम : फर्जी बिलों के आधार पर 15 करोड़ के रिफंड मामले में सीजीएसटी में दो अधिकारियों के निलंबन के बाद अब आयुक्त समेत तीन अधिकारियों पर तबादले की गाज गिरी है। केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने पांच अधिकारियों के तबादले के आदेश जारी किए हैं। इस मामले में गिरफ्तार आरोपित चार्टर्ड अकाउंटेंट सुनील और गौरव की जमानत याचिका खारिज होने के बाद सीए एसोसिएशन सेशन कोर्ट में जमानत याचिका की तैयारी कर रही है।

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के निर्देश पर इस मामले में पहले सीजीएसटी के उपायुक्त दिनेश बिश्नोई और अधीक्षक संजीव शर्मा को निलंबित किया गया था। दो चार्टर्ड अकाउंटेंट की गिरफ्तारी के विरोध में सीए एसोसिएशन सीजीएसटी आयुक्तालय के बाहर धरने पर बैठे हैं।

इस मामले में केंद्रीय गृह मंत्रालय बेहद गंभीर है। दो अधिकारियों को पहले ही निलंबित कर दिया गया है। बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पांच अधिकारियों के तबादले के आदेश जारी कर दिए हैं। सीजीएसटी आयुक्तालय की आयुक्त मीनू कुमार का तबादला सिलीगुड़ी सीजीएसटी कार्यालय में अपील विभाग में किया गया है। उनके स्थान पर दिल्ली जोन के सीजीएसटी कार्यालय से पाल राजेंद्र लाकरा को आयुक्त लगाया गया है। सीजीएसटी आयुक्तालय के अतिरिक्त आयुक्त अभिनव यादव को गुरुग्राम से भुवनेश्वर जोन में भेजा गया है। डीजीएचआरडी से आयुक्त दीपा श्रीवास्तव को गुरुग्राम आयुक्तालय में लगाया गया है। वहीं, गुरुग्राम आयुक्तालय से उपायुक्त अंकित अग्रवाल का लखनऊ जोन में तबादला किया गया है।

दिल्ली एनसीआर सीए एसोसिएशन के चेयरमैन नवीन गर्ग का कहना है कि तबादला कार्रवाई मात्र आंसू पोछने वाली है। इस मामले की जब तक सीबीआइ जांच नहीं होगी, सीए एसोसिएशन का धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। वह सीबीआइ जांच से कम किसी भी कार्रवाई पर सहमत नहीं हैं।

Edited By: Jagran