जागरण संवाददाता, गुरुग्राम : केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए नक्सलवाद एक गंभीर समस्या है। वर्तमान में नक्सली समस्या से निपटने के लिए इस बल की एक तिहाई नफरी नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तैनात है। जो नक्सलियों के विरुद्ध सफलतापूर्वक अभियान चलाते हुए राज्य के विकास में राज्य सरकार की मदद कर रही है। उन्होंने कहा कि संसद भवन पर आतंकी हमले को विफल करने में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने अग्रणी भूमिका अदा की है।

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री ने यह बातें बृहस्पतिवार को केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल अकादमी कादरपुर में आयोजित 52वें बैच के दीक्षांत परेड के दौरान कही। इस दौरान 117 प्रशिक्षु राजपत्रित अधिकारी विधिवत रूप से बल का हिस्सा बन गए हैं। इन 117 प्रशिक्षु अधिकारियों में तीन महिला राजपत्रित अधिकारी भी शामिल हैं। पहले कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को आना था पर उनका कार्यक्रम रद हो गया।

नित्यानंद राय ने अपने संबोधन में कहा कि सीआरपीएफ एक मानवीय चेहरा है तथा यह बल अपने नागरिकों के मानवाधिकारों का सम्मान करता है। राष्ट्र के विभिन्न हिस्सों में सीआरपीएफ की तैनाती और भागीदारी इसका परिचायक है। इसे जहां भी तैनात किया गया है इसने सामान्य जनमानस का भरोसा और विश्वास जीता है। नवनियुक्त अधिकारियों से उन्होंने कहा कि आपको प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के राष्ट्र-प्रथम के ध्येय वाक्य के साथ उच्चतम मानकों को बनाए रखना है।

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री ने कहा कि स्वयं को मातृभूमि की सेवा हेतु समर्पण से परम कोई कर्तव्य नहीं हो सकता है। आज सीआरपीएफ देश का सबसे बड़ा सशस्त्र पुलिस बल है और मुझे यह कहने में तनिक भी संकोच नहीं है कि यह देश का सबसे बहादुर बल है। समारोह में सीआरपीएफ के महानिदेशक कुलदीप सिंह ने स्वागत किया और बल की गतिविधियों के बारे में बताया।

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