जागरण संवाददाता, गुरुग्राम: करोड़ों रुपये की चोरी के मामले में आरोपित डा. सचिद्र जैन नवल की ओर से जिला अदालत में लगाई गई जमानत की अर्जी वापस ले ली गई। डा. नवल के ऊपर चोरी की साजिश रचने का आरोप है। मामले में तीन डाक्टर सहित कुल 16 आरोपित गिरफ्तार किए जा चुके हैं। इनमें पांच न्यायिक हिरासत में भोंडसी जेल में है। इधर, मामले के मुख्य आरोपित कुख्यात गैंगस्टर विकास लगरपुरिया, चोरी के पैसे अपने पास रखने के आरोपित दिल्ली पुलिस के एएसआइ विकास और मामले को रफा-दफा करने के लिए कुछ राशि लेने के आरोपित आइपीएस धीरज सेतिया की तलाश बृहस्पतिवार को भी दिन भर जारी रही। सेतिया के पास उस दौरान गुरुग्राम में पुलिस उपायुक्त (क्राइम) की जिम्मेदारी थी।

खेड़कीदौला थाना इलाके की एक सोसायटी के दो फ्लैट से इसी साल चार और पांच अगस्त की रात लगभग 30 करोड़ (अब तक की जांच के मुताबिक) रुपये चोरी किए गए थे। पैसे अल्फाजी कार्प मैनेजमेंट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी के थे। सभी आरोपितों से लगभग छह करोड़ रुपये बरामद किए जा चुके हैं। वैसे चर्चा है कि दोनों फ्लैट में लगभग 100 करोड़ रुपये थे। इसमें कितनी सच्चाई है यह गैंगस्टर विकास लगरपुरिया से पूछताछ में सामने आएगा। उसे गिरफ्तार करने के लिए स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने पूरी ताकत झोंक रखी है। जहां भी वह छिप सकता है, वहां दबिश दी जा चुकी है लेकिन उसका कोई अता-पता नहीं। मामले को स्वयं एसटीएफ के डीआइजी सतीश बालन अपने स्तर पर देख रहे हैं।

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