यशलोक सिंह, गुरुग्राम :

दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण के बढ़ते स्तर को नियंत्रित करने के लिए एयर क्वालिटी मैनेजमेंट कमीशन की ओर से कई प्रकार के कदम उठाए जा रहे हैं। इसी के मद्देनजर डीजल जेनरेटर और गैर-पीएनजी औद्योगिक इकाइयों के संचालन को प्रतिबंधित कर दिया है। डीजल जेनरेटर को चलाने की रोक उद्योगों पर उस समय भारी पड़ जाती है जब बिजली उपलब्ध नहीं होती है। ऐसे समय में फैक्ट्रियों में कामकाज पूरी तरह से ठप हो जाता है। उद्यमियों का कहना है कि वायु प्रदूषण को लेकर उद्योगों पर पाबंदियां तो भरपूर हैं, मगर प्रबंधन का भारी अभाव है। इससे रोजाना करोड़ों रुपये का नुकसान उद्यमियों को उठाना पड़ रहा है। अब तो जहां पर पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) की उपलब्धता है वहां भी समस्या खड़ी होने लगी है। इसका कारण पीएनजी लाइन में आने वाला फाल्ट है।

गुरुग्राम के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र सेक्टर-37 में उन उद्यमियों को भी परेशान होना पड़ रहा है जिनके पास पीएनजी की लाइन है। यहां के उद्यमियों का कहना है कि डीजल जेनरेटर और गैर-पीएनजी बायलर पर रोक के बाद जहां उद्यमियों को परेशानियां उठानी पड़ रही थीं, वहीं पीएनजी की सुविधा प्राप्त करने वाले उद्यमी राहत में थे। अब उन्हें भी भारी दिक्कत होने लगी है। पिछले कुछ दिनों से इस औद्योगिक क्षेत्र की पीएनजी लाइन में फाल्ट की समस्या आने लगी है। सोमवार को छह घंटे पीएनजी की आपूर्ति बंद रही। इससे बड़ी संख्या में औद्योगिक इकाइयों में कामकाज बंद रहा। इससे सबसे अधिक नुकसान तो वस्त्र उद्योग को उठाना पड़ रहा है। इन्हें मिले आर्डर को पूरा करने में भारी दिक्कत आ रही है।

एक उद्यमी ने बताया कि उनके यहां दो बायलर हैं। एक पीएनजी और दूसरा गैर-पीएनजी (मूंगफली के छिलके का इसमें ईंधन के रूप में इस्तेमाल होता है) से संचालित होने वाला। दूसरे को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सील कर दिया। अब न तो ठीक से पीएनजी की आपूर्ति हो पा रही है और न ही बिजली। डीजल जेनरेटर चला नहीं सकते हैं। इसके परिणामस्वरूप काम पूरी तरह से ठप हो जाता है।

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उद्योगों पर अनावश्यक रूप से नकेल कसने के स्थान पर सरकार को चाहिए कि वह अपने अधिकारियों को व्यवस्था दुरुस्त करने पर लगाए। यदि लाइट नहीं है और दूसरे ईंधन का इस्तेमाल नहीं कर सकते तो उद्योग कैसे चलेंगे। अब तो पीएनजी वाले भी परेशान होने लगे हैं।

दीपक मैनी, महासचिव, फेडरेशन आफ इंडियन इंडस्ट्री, हरियाणा

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सेक्टर-37 औद्योगिक क्षेत्र में पीएनजी को लेकर दिक्कत आने लगी है। पिछले 10 दिन में पीएनजी की लाइन में कई बार फाल्ट आ चुका है। गैर-पीएनजी बायलर के संचालन पर प्रतिबंध लगा दिया है। ऐसे में काम ठप हो जाता है। सिर्फ दो या तीन घंटे ही काम हो पा रहा है। इससे भारी नुकसान हो रहा है।

रमनदीप सिंह, प्रबंध निदेशक, बुटीक इंटरनेशनल

Edited By: Jagran