आदित्य राज, गुरुग्राम

साइबर सिटी एवं आसपास के इलाकों में ट्रैफिक रिफ्यूज आइलैंड विकसित करने के ऊपर प्रशासन का ध्यान नहीं। सुविधा न होने से कई बार लोग जब तक पैदल सड़क पार करते हैं तब तक ग्रीन लाइट हो जाती है। इस वजह से भी अक्सर हादसे होते रहते हैं। कई बार बीच में वाहन भी फंस जाते हैं। ट्रैफिक रिफ्यूज आइलैंड इसलिए बनाया जाता है कि ताकि पैदल चलने वालों को चौड़ी सड़कें पार करने के लिए बीच में रुकने का मौका मिल जाए। वे वाहनों के निकलने का इंतजार कर सकें।

पिछले कुछ सालों के दौरान शहर व आसपास की अधिकतर सड़कें चौड़ी की जा चुकी हैं। दिल्ली-जयपुर हाईवे पर शंकर चौक के नजदीक सर्विस लेन की चौड़ाई इतनी अधिक है कि एक बार में पांच से अधिक वाहन निकल सकते हैं। इसी तरह राजीव चौक से लेकर कई चौराहों के नजदीक सड़कों की चौड़ाई काफी अधिक है। इन चौराहों पर पैदल यात्रियों को ध्यान में रखकर ट्रैफिक रिफ्यूज आइलैंड बनाने के ऊपर जोर देना चाहिए था। सुरक्षा के नाम पर केवल जेब्रा क्रासिग बनाने के ऊपर ही ध्यान दिया गया है।

पैदल यात्रियों की सुरक्षा को लेकर सुझाव

- सड़कों के किनारे फुटपाथ की सुविधा होनी चाहिए

- सड़कों के किनारे साइकिल ट्रैक पर जोर देना चाहिए

- वाहन चालकों को जेब्रा क्रासिग दूर से दिखना चाहिए

- चौराहों के नजदीक ट्रैफिक रिफ्यूज आइलैंड होना चाहिए

- आवश्यकतानुसार सड़कों पर फुट ओवरब्रिज होने चाहिए

- चौराहों के नजदीक स्पीड ब्रेकर हर हाल में होने चाहिए

- लोगों को भी चाहिए कि वे जेब्रा क्रासिग का इस्तेमाल करें

- जहां पर भी फुट ओवरब्रिज है, उसका इस्तेमाल किया जाए दिल्ली में ट्रैफिक रिफ्यूज आइलैंड विकसित करने के ऊपर काम शुरू कर दिया गया है। साइबर सिटी में भी इसके ऊपर काम करना चाहिए। काफी सड़कें चौड़ी हो चुकी हैं। खासकर जहां पर भी चौराहे के नजदीक सड़कों की चौड़ाई दो लेन से अधिक है, वहां पर आइलैंड बनाने के ऊपर जोर देना चाहिए। दो लेन से अधिक चौड़ी सड़क को पार करने के लिए लोगों को दौड़ना पड़ता है। ऐसे में हादसा होने की आशंका हर पल बनी रहती है।

- मानस फुलोरिया, ट्रैफिक विशेषज्ञ ट्रैफिक रिफ्यूज आइलैंड बनाने को लेकर प्लानिग तैयार है। जल्द ही राजीव चौक पर काम शुरू किया जाएगा। जहां कहीं भी आवश्यकता है, वहां पर सुविधा विकसित की जाएगी। निश्चित रूप से जिस चौराहे के नजदीक सड़कों की चौड़ाई अधिक है वहां पर ट्रैफिक रिफ्यूज आइलैंड की सुविधा होनी ही चाहिए। इसके अलावा भी ट्रैफिक व्यवस्था की मजबूती को लेकर कई स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं।

संजीव बल्हारा, सहायक पुलिस आयुक्त (ट्रैफिक, मुख्यालय), गुरुग्राम

Edited By: Jagran