संवाद सहयोगी, पटौदी: पटौदी के एसीपी बीर सिंह ने शुक्रवार को बलिदान दिवस पर अपनी ड्यूटी करते हुए बलिदानी हुए क्षेत्र के दो पुलिसकर्मियों के गांव जाकर व उनकी प्रतिमाओं पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। पटौदी के गांव लोकरी निवासी व पलवल पुलिस में सहायक उप-निरीक्षक के पद पर तैनात रहे ओम प्रकाश 21 नवंबर 1986 को एक कैदी बच्चा सिंह को मथुरा के न्यायालय में पेश करने के लिए हरियाणा रोडवेज बस से जा रहे थे। मार्ग में होडल में डबचिक बस नाश्ते के लिए रुकी तो पांच छह युवकों ने गोलियां चलाकर पुलिस टीम पर हमला कर दिया था। इस वारदात में ओमप्रकाश को गोलियां लगी थी और वे अपनी ड्यूटी का निर्वहन करते हुए बलिदान हो गए थे।

इधर जाटौला गांव के रहने वाले व सीआइए रेवाड़ी में तैनात उप-निरीक्षक रणबीर सिंह 15 नवंबर 2018 को एक सूचना के आधार पर हत्या के मामले का वांछित एक आरोपी नरेश को पकड़ने खरखड़ा औद्योगिक क्षेत्र में गए थे। जब उन्होंने बदमाश नरेश को ढूंढकर पड़कने की कोशिश की तो उसने रणबीर सिंह पर गोलियां चलाई गई जिससे वह कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए बलिदान हो गए थे। पटौदी के एसीपी बीर सिंह ने गांव जाटौला में जाकर बलिदानी रणबीर सिंह तथा गांव लोकरी में जाकर बलिदानी ओमप्रकाश की प्रतिमाओं पर फूलमाला चढ़ाई और भावभीनी श्रद्धांजलि दी। बलिदानियों की वीरांगना को शाल भेंट करके उनका सम्मान किया।

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