सतीश राघव, सोहना

आसमान में बादल छाते ही दुकानदारों की धड़कनें बढ़ने लगती हैं। दुकानदार अपना सामान समेटने लग जाते हैं। यही सिलसिला सालों से चलता आ रहा है। देश को आजाद हुए सात दशक बीत गए। इस दौरान कई सरकारें देखीं, अनेक नेता आए और चेहरे भी बदले मगर फव्वारा चौक पर फैजी के नाम पर बनी पुलिया को चौड़ा करने की सुध नहीं ली गई। बारिश में पहाड़ी के पानी का तेज बहाव संकरी पुलिया से होता है और पानी की समुचित निकासी नहीं होने से दुकानों में भरने वाला पानी दुकानदारों के लिए आफत बना हुआ है। इसका खामियाजा सैकड़ों दुकानदार भुगत रहे हैं। यहां के लोग विधायक संजय सिंह व स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों से सवाल कर रहे हैं कि इस समस्या से कब निजात मिलेगी।

दुकानदारों का कहना है कि सालों से नेताओं व स्थानीय प्रशासन के दरबार में गुहार लगा रहे है लेकिन समस्या ऐसी ही बनी हुई है। सरकार को राजस्व देने वाला व्यापारी इन दिनों बारिश के पानी की समुचित निकासी की व्यवस्था ना होने के कारण परेशान हैं। बुधवार सुबह दस बजे शुरू हुई झमाझम बारिश ने कहर बरपाया। बारिश का पानी कई दुकानों में घुस गया जिससे दुकान में रखा सामान भीग गया।

बता दें कि अरावली पहाड़ी की तलहटी में बसे सोहना में बारिश होते ही पहाड़ी से बारिश का पानी पुराने शहर के पुरानी सब्जी मंडी, ठाकुरवाड़ा, शिव कुंड एरिया से निकलता है। पानी की निकासी के लिए सालों पहले बनी पुलिया से पानी की निकासी होती है। नगरपरिषद ने ऐसी जगह करोड़ों रुपये खर्च कर दिए जिनकी लोगों को विशेष जरूरत नहीं थी मगर विभाग व प्रशासन ने फव्वारा चौक पर बनी फैजी की पुलिया का विस्तार नहीं किया जिसका खामियाजा दुकानदारों को भुगतना पड़ रहा है।

- रजत, दुकानदार कई नेता बदले, सबसे गुहार लगाई मगर किसी नेता व प्रशासन ने इस बरसाती पानी की पुलिया से पानी की निकासी के लिए पहल तक नहीं की। फरियाद करने पर एक जवाब मिलता है एस्टीमेट बना कर भेज दिया है काम शुरू हो जाएगा।

- लाला ओमप्रकाश गोयल पुलिया का चौड़ीकरण कब होगा। आखिर कब तक दुकानदार नुकसान भुगतें। बारिश के पानी की समुचित निकासी ना होने की वजह से दुकानों में बारिश का पानी भर जाता है। इससे दुकानदारों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।

- रवि गर्ग फैजी पुलिया से बारिश के पानी की निकासी दुकानदारों व ग्राहकों के लिए आफत बन गई है। बारिश के पानी में कई दोपहिया वाहन तक बह गए। बारिश के पानी की निकासी के तमाम इंतजाम सरकार व प्रशासन के झूठे साबित हो रहे हैं।

- राजकुमार सिगला

Edited By: Jagran