आदित्य राज, गुरुग्राम

वन्य जीवों की प्यास बुझाने के लिए अरावली पहाड़ी क्षेत्र में 20 कृत्रिम तालाब बनाने का रास्ता साफ हो गया है। इसके लिए 35 लाख रुपये का बजट मंजूर किया गया है। अगले साल मार्च तक गुरुग्राम के अलावा फरीदाबाद, पलवल, नूंह, रेवाड़ी एवं महेंद्रगढ़ इलाके में छोटे-छोटे तालाब बनाए जाएंगे। इसके लिए जगह चिन्हित करने का काम जल्द शुरू किया जाएगा। वैसे उन्हीं इलाकों में तालाब बनाए जाएंगे, जिन इलाकों में अधिकतर वन्य जीव रहते हैं।

पिछले कुछ वर्षो के दौरान अरावली पहाड़ी क्षेत्र में वन्य जीवों की संख्या बढ़ी है लेकिन इनकी आबादी के हिसाब से इलाके में भोजन-पानी नहीं है। खासकर गर्मी के दिनों में अधिक परेशानी होती है। पानी की कमी से वन्य जीव रिहायशी इलाकों में जाने के लिए मजबूर होते हैं। इलाके में जाने के दौरान दुर्घटना के शिकार हो जाते हैं। कुछ सालों के दौरान 10 से अधिक वन्य जीवों की मौत हो चुकी है। इनमें अधिकतर तेंदुए थे। नई योजना के क्रियान्वयन के बाद क्षेत्र में कृत्रिम तालाबों की संख्या 40 हो जाएगी। 20 तालाब पहले बनाए जा चुके हैं। वर्ष 2017 की गणना के मुताबिक

वन्य जीव संख्या

गीदड़ 166

लकड़बग्घा 126

सेहली 91

बिज्जू 61

नेवला 50

तेंदुआ 31

जंगली बिल्ली 26

लोमड़ी 4

भेड़िया 3

लंगूर की प्रजाति 2 अरावली पहाड़ी क्षेत्र में कृत्रिम तालाबों के निर्माण के लिए बजट की व्यवस्था हो गई है। जल्द आगे की कार्यवाही शुरू की जाएगी, जिससे चालू वित्त वर्ष के भीतर यानी अगले साल मार्च तक सभी तालाब तैयार हो जाएं। तालाबों के निर्माण के साथ ही इलाके में फलदार पौधे लगाए जाने से उम्मीद है कि वन्य जीव रिहायशी इलाकों में नहीं जाएंगे। वैसे वन्य जीव क्षेत्र से अधिक दूर नहीं जाते हैं। अरावली की गोद में ही बसे गांवों में कभी-कभार पहुंचते हैं।

-एमएस मलिक, अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य जीव)

Edited By: Jagran