जागरण संवाददाता, फतेहाबाद :

सरकारी अस्पतालों में डाक्टरों की तो कमी है ही साथ में फार्मासिस्ट भी नहीं है। जिले के अस्पताल में 700 मरीजों को केवल दो ही फार्मासिस्ट दवाइयां बांट रहे हैं। मरीज को दवाई लेने के लिए एक घंटे तक इंतजार करना पड़ रहा है। अस्पताल में जो दवाइयां मिल रही है उसमें कुछ मिलती भी नहीं है। ऐसे में अधिकतर मरीज बाहर से दवाइयां लेकर चले जाते है। स्थानीय अस्पताल में फार्मासिस्ट की कमी को लेकर पत्र भी भेजा जा चुका है लेकिन हुआ कुछ भी नहीं है। अस्पताल में फार्मासिस्ट न होने के कारण आपातकालीन में छुट्टी भी बड़ी मुश्किल से मिल रही है।

फतेहाबाद में जिला अस्पताल है। यहां पर आने वाला मरीज को पता है कि यहां पर हर प्रकार की सुविधा मिलेगी। लेकिन ऐसा कुछ नहीं है। पिछले कई सालों से इस अस्पताल में डाक्टरों की कमी है। जिसका सभी को पता है। एक डाक्टर को 200 से अधिक ओपीडी देखनी पड़ रही है। यहीं कारण है कि अधिकतर डाक्टर यहां से तबादला करवा रहे है।

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चतुर्थ कर्मचारी बांट रहे दवाइयां

नागरिक अस्पताल में फार्मासिस्ट की कमी होने के कारण हेल्पर के तौर पर चतुर्थ कर्मचारी का सहारा लेना पड़ रहा है। फार्मासिस्ट दवाइयां निकालता है तो यह कर्मचारी मरीजों को दे रहा है। यह सिस्टम कब तक चलेगा यह किसी को पता तक नहीं है। अस्पताल में आने वाले लोगों को पहले डाक्टर को दिखाने के लिए लाइनों में लगना पड़ रहा है तो बाद में दवाईयां लेने के लिए एक से दो घंटे तक लग जाते है। डिस्पेंसरी में केवल दो ही फार्मासिस्ट है जो हर दिन 700 मरीजों को दवाइयां बांट रहे है।

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आंकड़ों में जानिए स्थिति

हर दिन अस्पताल में ओपीडी : 700

फार्मासिस्ट की कुल पोस्ट : 9

कार्यरत : 5

खाली पद : 4

डिस्पेंशनरी में फार्मासिस्ट : 2

नशा मुक्ति में फार्मासिस्ट : 1

ड्रग स्टोर में फार्मासिस्ट : 2

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ये बोले मरीज

उसे छाती में दर्द था तो सुबह दवाई लेने के लिए आया था। पहले पर्ची कटवाने के लिए लाइनों में लगा और बाद में ओपीडी के बाहर करीब दो घंटे तक खड़ा रहा। डाक्टर ने दवाई लिखने के बाद एक घंटे तक डिस्पेंसरी के बाहर खड़ा रहा। यहां दवाई लेने के लिए लाइनों में खड़ा होना पड़ रहा है। अंदर जाकर पता किया तो दो ही फार्मासिस्ट काम पर लगे हुए थे। सरकार को डाक्टरों व अन्य कर्मचारियों की नियुक्त करनी चाहिए ताकि परेशानी ना हो।

राजेंद्र कुमार

मरीज, दरियापुर।

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मुझे दो दिनों से बुखार था। दवाई लेने के लिए नागरिक अस्पताल में आया था। लेकिन यहां की व्यवस्था देखकर वापस ही आ गया। पहले काफी समय तक पर्ची नहीं मिली और बाद में भीड़ होने के कारण प्राइवेट से ही इलाज लिया है। अस्पताल में ना तो डाक्टर है और ना ही अन्य कर्मचारी। जिससे मरीजों को परेशानी हो रही है।

राजेश कुमार, शहरवासी।

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वास्तव में फार्मासिस्ट की कमी है। कुछ समय पहले उन्होंने हड़ताल भी की थी। मैंने अपने तौर पर दो बार पत्र भेज दिया है। उम्मीद है कि जल्द ही फार्मासिस्ट मिल जाएगा। एक फार्मासिस्ट छुट्टी पर चल रहा है। जिससे अब कुछ दिक्कत ज्यादा है। अन्य कर्मचारियों की ड्यूटी लगाकर इस समस्या को दूर किया जाएगा।

डा. ओपी दहमीवाल

एसएमओ नागरिक अस्पताल फतेहाबाद।

Posted By: Jagran

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