फतेहाबाद ( विज्ञप्ति) : शहीद ऊधम सिंह के शहादत दिवस को समर्पित जनसंगठनों का सांझा मोर्चा हरियाणा द्वारा कबीर धर्मशाला में राज्य स्तरीय सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार की अध्यक्षता का. तेजिन्द्र सिंह रतिया ने की व संचालन कामरेड राजेश चौबारा ने किया। मुख्य वक्ता के तौर पर आइसीटीयू के राज्य कार्यकारिणी सदस्य सज्जन सिंह, देहाती मजदूर सभा पंजाब के राज्य प्रधान दर्शन नाहर, महासचिव गुरनम सिंह ने शिरकत की।

उन्होंने कहा कि आज देश को शहीद ऊधम सिंह के महान विचारों की जरूरत है। शहीद ऊधम सिंह का क्रांतिकारी जीवन हमारे लिए प्रेरणास्त्रोत है। अल्पआयु में ही माता-पिता का साया उठ जाने के बाद उनका पालन-पोषण अमृतसर के यतीमखाने में हुआ। जलियांवाला नरसंहार के समय वहीं पर पानी पिलाने की सेवा निभा रहे थे। जब जनरल डायर ने निहत्थे लोगों पर अंधाधुंध गोलियां चलवाकर हजारों लागेों को मौत के घाट उतारा, जिससे पूरे देश में ब्रिटिश सरकार के खिलाफ गुस्से की लहर दौड़ गई। ऊधम सिंह ने इस हत्याकांड का बदला लेने का प्रण किया। न जाने कितनी ही कठिनाइयां सहने व संघर्ष के बाद 13 अप्रैल को माइकल ओडवायर को मारकर उन्होंने अपना प्रण पूरा किया। 31 जुलाई 1940 को उन्हें फांसी दे दी गई। ऊधम सिंह ने अपनी शहादत से पूरी दुनिया में ब्रिटिश साम्राज्यवाद के घिनौने चेहरे को उजागर किया व देशवासियों में देशभक्ति की भावना को प्रफुल्लित किया। तजिन्द्र सिंह ने कहा कि आज देश ही नहीं, पूरी दुनिया में उनकी शहादत को याद किया जाता है मगर आजादी के 74 साल बीत जाने के बाद भी उनके सपनों का भारत निर्माण नहीं हो सका। देश भूखमरी, गरीबी, महंगाई, जनसंख्या वृद्धि व भ्रष्टाचार से आज भी ग्रस्त है।

सेमिनार को देहाती मजदूर सभा के जिला सचिव जसपाल खूनन, शहीद भगत सिंह नौजवान सभा के परमजीत लाली, लोकतांत्रिक किसान सभा के सुखचैन सिंह पूर्व सरपंच, किसान संघर्ष समिति हरियाणा के संयोजक मनदीप नथवान, भवन एवं अन्य निर्माण कामगार यूनियन के रज्य प्रधान मंगत राम सिरसा, परमाणु विरोधी मोर्चा के सुभाष पूनियां ने भी संबोधित किया।

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