संवाद सूत्र, कुलां :

क्षेत्र में गेहूं सीजन के दौरान आगजनी की घटनाएं घटने का बड़ा भय रहता है। विगत वर्ष क्षेत्र में आगजनी से हुई बड़ी तबाही से किसान अभी तक घाटे से नहीं उभरे हैं। परंतु इसके बावजूद विभागीय उपेक्षा के चलते इस भय से किसानों की नींद उड़ी हुईं हैं। कारण है कि धारसूल में दमकल केंद्र काफी समय से अव्यवस्था के आंसू बहा रहा है। विगत वर्ष किसानों द्वारा किए गए धरना प्रदर्शन के बाद हालांकि विभाग द्वारा हाल में धारसूल केंद्र में नई दमकल गाड़ी की सुविधा तो उपलब्ध की है। जबकि स्टाफ के टोटे में यह नई गाड़ी भी बेदम दिखाई दे रही है। क्षेत्र में दो दर्जन गांवों में आगजनी की घटना पर काबू पाने के लिए बेशक यहां हाल में दो गाड़ियों की व्यवस्था है। परंतु हैरानी की बात यह है कि दिन रात यानी 24 घंटे सुविधा देने वाले इस केंद्र में महज पांच कर्मचारी ही तैनात है। यदि क्षेत्र में कोई बड़ी आगजनी की घटना होती है तो यहां स्टाफ की बड़ी कमी खलती है। स्थिति यह है कि अप्रिय स्थिति में यहां भगवान ही किसानों का रक्षक है। खास बात यह है कि यहां गाड़ियां तो दो है मगर एक शिफ्ट में एक चालक व एक फायर मैन तैनात होता है। तीनों शिफ्टों के लिए एक गाड़ी पर 15 फायर मैन एवं 3 चालक होना लाजमी है। प्रस्ताव तो पास, भर्ती नहीं

प्रशासन द्वारा इस कार्य के लिए प्रस्ताव तो पास किया गया है। जबकि भर्ती अभी तक नहीं हुईं हैं। वहीं धारसूल केंद्र में गाड़ियों को खड़ा करने के लिए शेड की व्यवस्था नहीं है। जिससे गाड़ियां खुले में खड़ी खराब हो रहीं है।

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एक शिफ्ट के लिए भी स्टाफ अधूरा

धारसूल केंद्र में कार्यरत कर्मचारियों ने बताया कि कर्मचारियों की बड़ी कमी होने के चलते वह 24 घंटे ड्यूटी करने पर मजबूर हैं। चूंकि यहां एक शिफ्ट के लिए भी स्टाफ पूरा नहीं है। ऐसे में उन्हें बड़ी समस्या का सामना करना पड़ रहा है

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आज ही धारसूल मार्केट कमेटी को आदेश दिए हैं कि गेहूं सीजन को देखते हुए नई गाड़ी के लिए तीन चालक एवं सात फायर मैन की जल्द नियुक्ति करने के लिए उच्च अधिकारियों को मांग पत्र लिखकर अवगत करवाया जाए। आगे की जिम्मेदारी उच्च विभाग की है कि कब यहां नए स्टाफ की नियुक्ति की जाती है।

गांधी लाल, जिला दमकल केंद्र अधिकारी फतेहाबाद।

Posted By: Jagran