जागरण संवाददाता, फतेहाबाद: फ्यूचर मेकर, ¨मट व ट्रेडमार्ट जैसी नेटवर्किंग कंपनियों के खिलाफ मामला दर्ज होने के बाद निवेशक बेचैन है। वे ठगे जा चुके हैं, लेकिन किसी को बताना भी नहीं चाहते। स्थिति ऐसी है कि वे किसी के खिलाफ शिकायत भी नहीं कर सकते। क्योंकि न तो उनके खिलाफ कोई लिखित सबूत है और न ही वे कंपनी के कारनामों से अनजान थे। बकायदा कंपनियों के एजेंट उन्हें खुलकर स्पष्ट तरीके से कहा करते थे कि रुपये आए तो आपकी किस्मत, वरना सट्टा समझ लेना। इसलिए निवेशकों ने अपने ही मन को समझाना भी शुरू कर दिया है। खास बात ये निकल कर आ रही है कि निवेशकों में बड़ी संख्या में शिक्षित लोग थे। इनमें शिक्षक व पुलिस कर्मचारी बहुत संख्या में थे। जब लोग बताया करते थे कि कंपनी चार गुना तक रुपये लौटा रही है तो कर्मचारियों में लालच की प्रवृति आई। इसी वजह से कई कर्मचारियों ने अपनी तनख्वाह तक कंपनी में निवेश कर दी। लघु सचिवालय के ही एक अधिकारी ने चार लाख रुपये निवेश किए हुए थे। उस अफसर ने भी शिकायत देना उचित नहीं समझा। यह हैरान करने वाली बात है कि जिले में निवेशकों की संख्या हजारों में थी। सैकड़ों की संख्या में निवेशक ही एजेंट के रूप में काम कर रहे थे। इसके बावजूद महज चार ही शिकायतें आई हैं, जिन पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिए हैं। निवेशक लोगों को यह बताने में ही शर्म महसूस कर रहे हैं कि उनके साथ कंपनी ने ठगी की है। निवेशक मजाक का पात्र बने हुए हैं।

---------------

उधार रुपये लेकर किया निवेश

गांव भिरडाना निवासी राम ¨सह ने किसी से उधार रुपये लेकर चार लाख रुपये लगाए थे। वह खेती करता है। किसी ने बताया था कि फ्यूचर मेकर कंपनी मोटा मुनाफा दे रही है। उसे एजेंटों ने यह कहकर तैयार किया आजकल रिस्क लेने वाले ही कमाई करते हैं। वह बातों में आया और किसी से 4 लाख रुपये उधार उठा लिए। यह भी कहा था कि वह फसल बेचने के बाद चुका देगा। अब सारी राशि डूब चुकी है। वह परेशानी का मारा घूम रहा है।

-----------------

फेसबुक पर लाइव होता था राधेश्याम

फ्यूचर मेकर कंपनी का प्रमुख राधेश्याम अपने निवेशकों को बातों में बांधे रखता था। वह फेसबुक पर लाइव होता था। उसकी कई वीडियो अब भी फेसबुक व यू ट्यूब पर मौजूद हैं, जिनमें वह कहता था कि निवेशकों व एजेंटों को किसी तरह घबराने की जरूरत नहीं है। हम देश में डायरेक्ट से¨लग का काम कर रहे हैं। कोई अपराध नहीं कर रहे। हमारे पास काफी लोगों के नोटिस आते हैं। जब तक मैं हूं, तब तक आपको किसी से डरने की जरूरत नहीं है। वह कहता था जब भी कोई कंपनी सफल होती है तो उसके चारों तरफ विरोधी भी खड़े हो जाते हैं। इसलिए चुनौतियों से डरे नहीं, बल्कि मेहनत से काम करें। उसकी वीडियो देखकर एजेंट जोश में भर जाते थे।

-------------------

फाइनेंसर छीन सकते हैं लग्जरी गाड़ियां

फ्यूचर मेकर कंपनी ने अपने एजेंटों को महंगी गाड़ियां बांट रखी थीं। ज्यादातर गाड़ियां फाइनेंस पर खरीदी गई थी। नियम यही होता है कि गाड़ी कंपनी देगी और उसके बाद किस्तें खुद एजेंट भरते थे। अब कंपनी को ताला लग गया है। ऐसी स्थिति में एजेंटों के लिए किस्तें भरना भी मुश्किल हो गया है। थोड़े ही दिन बाद फाइनेंस कंपनियां अपनी गाड़ियां उठा सकती हैं। इसलिए एजेंट अपनी गाड़ियों सहित गायब हैं। कई तो अच्छी जगहों पर घूमने के लिए निकल गए हैं। यह सोचकर कि हालात सामान्य होने पर वापस आ जाएंगे।

-----------------

पुलिस की तरफ से निवेशकों को भरोसा दिलाया गया है कि किसी के साथ धोखाधड़ी हुई है तो वे खुलकर सामने आएं और पुलिस को शिकायत दें। शिकायत मिलते ही एफआइआर दर्ज की जाएगी। लेकिन अभी तक ज्यादा शिकायतें नहीं आई हैं।

-दीपक सहारण, एसपी।

Posted By: Jagran