जागरण संवाददाता, करनाल : निजी स्कूलों की जिद के चलते जिले के शिक्षा अधिकारी दाखिले की अंतिम तिथि तक भी बच्चों के दाखिले नहीं करवा पाए। तीन बार तिथि बढ़ने के बावजूद 894 बच्चों का ही दाखिला हो सका। जिले के अधिकारी निजी स्कूलों पर कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति करने के लिए महज कारण बताओ नोटिस जारी कर रहे हैं।

निजी स्कूलों की मनमानी के आगे शिक्षा विभाग तीन बार झुका है। विद्यार्थियों के दाखिले के लिए विभाग ने अब तक तीन बार तिथि को आगे बढ़ाया है, लेकिन शनिवार को अंतिम तिथि होने के बावजूद निजी स्कूलों को रवैया एडमिशन को लेकर ज्यों का त्यों रहा। नियम 134ए के तहत 16 दिसंबर को पहले ड्रा में छह खंडों के 361 स्कूलों में 2765 विद्यार्थियों को स्कूल आवंटित हुए, लेकिन अंतिम तिथि तक 894 बच्चों के ही निजी स्कूलों में प्रवेश हो सके।

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1806 विद्यार्थियों का टूट रहा सपना

नियम 134ए के तहत पहले ड्रा 2765 विद्यार्थियों को दाखिला दिया जाना था। इनमें 65 विद्यार्थियों के दस्तावेजों में खामियां पाए जाने पर उन्हें रद्द कर दिया गया था। वहीं शनिवार तक निजी स्कूलों ने केवल 894 विद्यार्थियों का ही नियम 134ए के तहत प्रवेश लिया। अब अंतिम तिथि के बाद जिले के 1806 विद्यार्थी निजी स्कूलों में दाखिलों से वंचित रह गए। इसे लेकर अभिभावकों में रोष है।

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क्या कहते अधिकारी

जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी रोहताश वर्मा ने बताया कि शनिवार को नियम 134ए के तहत निजी स्कूलों में एडमिशन के लिए अंतिम तिथि थी, लेकिन स्कूलों द्वारा केवल 894 विद्यार्थियों को ही प्रवेश दिया गया। एडमिशन न देने पर पहले विभाग द्वारा 258 स्कूलों को कारण बताओ नोटिस दिया गया था। अब सोमवार को जिन स्कूलों द्वारा विद्यार्थियों को प्रवेश नहीं दिया गया, उनकी मान्यता रद्द करने के लिए मुख्यालय को पत्र लिख जाएगा।

Edited By: Jagran