जागरण संवाददाता, फतेहाबाद :

जिले में डीएपी (डि-अमोनियम फास्फेट) पहुंचनी शुरू हो गई। सोमवार को जिले में 21 हजार बैग डीएपी के पहुंचे। कृषि विभाग का कहना है कि 25 अक्टूबर तक जिले में 1 लाख से अधिक बैग पहुंच जाएंगे। गेहूं बिजाई का सीजन दीपावली पर्व के करीब शुरू होगा। इस दौरान जरूरत के अनुसार डीएपी आ जाएगी। ऐसे में किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जाएगी।

दरअसल, प्रदेश में डीएपी का संकट बना हुआ है। जिले में रबी सीजन के लिए डीएपी के करीब 5 लाख बैग की दरकार हैं। जिसके लिए पहले व अब आए हुए बैग के अनुसार जिले में 50 हजार डीएपी के बैग उपलब्ध हुए है। ऐसे में किसान परेशान है। कई जगह किसान अज्ञानतावश सरसों की बिजाई में भी डीएपी का प्रयोग कर रहे है। जबकि इसके लिए सिगल सुपर फास्फेट का प्रयोग करना चाहिए। इससे सरसों का उत्पादन डीएपी के मुकाबले अधिक होगा।

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रतिया क्षेत्र में किसान पकड़ रहे कालाबाजारी करते व्यापारी :

जिले में डीएपी की किल्लत बनी हुई है। रतिया व जाखल में दो व्यापारियों को किसान कालाबाजारी करवाते हुए पकड़वा चुके है। हालांकि अभी तक प्रशासन की तरफ से खुद कार्यवाही नहीं हुई। ऐसे में व्यापारी गड़बड़ी कर रहे है। किसानों का कहना है कि सरकार इसके लिए अधिकारियों को उचित व्यवस्था बनाने के लिए दिशानिर्देश दे। अधिकारी व्यापारियों की राजनीतिक पहुंच है। ऐसे में अधिकारी इनकी दुकान पर नहीं जा रहे। इसलिए खासकर पंजाब के लगते शहर में डीएपी की कालाबाजारी अधिक हो रही।

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जिले में डीएपी के रैक लगने शुरू हो गए। सोमवार को जिले में 21 हजार बैग डीएपी के बैग हिसार व सिरसा से आए। जल्द ही डीएपी की किल्लत दूर होगी। 25 अक्टूबर के बाद डीएपी जरूरत से अधिक पहुंच जाएगी। ऐसे में किसानों से आग्रह है कि वे सरसों की बिजाई में सिगल सुपर फास्फेट का प्रयोग करें। वहीं गेहूं की बिजाई शुरू होने पहले ही खाद मिलनी शुरू हो जाएगी।

- डा. राजेश सिहाग, उपनिदेशक, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग।

Edited By: Jagran