जागरण संवाददाता, फतेहाबाद :

करीब पांच साल पहले अप्रैल माह में इसी तरह मौसम बदला था और बरसात के साथ ओलावृष्टि हुई। बुधवार को भी ऐसा नजारा फिर देखने को मिला। जिले के 50 गांवों में अधिक ओलावृष्टि हुई। वहीं बरसात भी 10 एमएम दर्ज की गई है। हालांकि कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बृहस्पतिवार को टीम खेतों में जाकर रिपोर्ट तैयार करेंगे। वहीं किसानों से कहा गया है कि जिस किसान की फसल खराब हुई है वो फार्म भरकर कृषि विभाग कार्यालय में जमा करवाए।

बुधवार दोपहर 1 बजे मौसम एकाएक बदल गया। आसमान में काले बादल देखकर किसान चितित हो गए। चितित होना भी संभावित था कि खेतों में गेहूं की फसल पककर तैयार खड़ी है। दोपहर 2 बजे तेज हवा के साथ मूसलाधार बरसात शुरू हो गई। बरसात के साथ जिले के 50 गांवों में करीब 10 से 15 मिनट तक ओलावृष्टि हुई। ओलावृष्टि से गेहूं की फसल खराब हो गई। वहीं कुछ किसानों ने सब्जी की खेती भी कर रखी थी वो भी चौपट हो गई। जहां ओलावृष्टि हुई वहां 40 फीसद तक गेहूं की फसल खराब हुई है। वहीं बरसात होने से शहर में पानी भर गया। जिससे वाहन चालकों को परेशानी हुई। दोपहर चार बजे तक मध्यम से तेज बरसात होती रही।

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फतेहाबाद, भट्टू व टोहाना खंड के गांवों में गिरे ओले

जिले में बरसात और ओलावृष्टि किसानों पर आफत बनकर टूटे। फतेहाबाद खंड के गांव दरियापुर, शहीदांवाली, कुकड़ावाली, मानावाली, धारनिया, खैरातीखेड़ा, बड़ोपल, खाराखेड़ी, चिदड, कुम्हारियां सहित अनेक गांवों में अधिक ओलावृष्टि हुई। यहां पर अच्छी बरसात हुई है। फतेहाबाद खंड के इन गांवों में गेहूं की फसलों पर 40 फीसद से अधिक नुकसान हुआ है। ओले गेहूं की बालियों पर गिरने से दाने नीचे गिर गए है। अगर आने वाले एक दो दिनों तक मौसम ऐसा रहा तो गेहूं के दाने खराब भी हो सकते है। भूना खंड के गांव जांडली कलां, जांडली खुर्द, सिथला, टिब्बी, लहरियां, रहन खेड़ी, कानीखेड़ी, डूल्ट, ढाणी डूल्ट व भट्टू क्षेत्र में रिमझिम बरसात हुई। इन गांवों में ओलावृष्टि नहीं हुई। वहीं टोहाना खंड के गांव गाजूवाला, बिठमड़ा, चितैन, हांसावाला व इंदाछुई आदि गांवों में बरसात के साथ ओलावृष्टि हुई। इन गांवों में तेज बरसात के साथ ओले पड़ने से किसानों के सपनों पर पानी फिर गया है। किसानों के अनुसार ओले पड़ने से गेहूं की तैयार फसल को नुकसान हुआ है।

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अब अगले पांच दिनों तक नहीं होगी गेहूं की कटाई

गांव गाजूवाला के किसान अनूप कुमार, सुनील बोलान, बड़ोपल के रमेश, खैरातीखेड़ा के सुरेश आदि ने बताया कि करीब पांच साल पहले इसी तरह की ओलावृष्टि हुई थी। इस बार फिर देखने को मिली है। इस समय गेहूं कटाई का कार्य चल रहा था। लेकिन मौसम ने सभी अरमानों पर पानी फेर दिया है। अब अगले पांच दिनों तक गेहूं की कटाई नहीं होगी। ऐसे में नुकसान अधिक होगा।

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मंडी में गेहूं और धान भीगा

फतेहाबाद की अनाजमंडी में व्यवस्था पूरी न होने के कारण शेड से बाहर पड़ा धान व गेहूं भीग गया। हालांकि पास बैठे किसानों ने तिरपाल ढककर बरसात से बचाने का प्रयास किया। लेकिन बरसात तेज थी जो नाकाफी रही। वहीं मंडी में इस समय धान की तुलाई भी चल रही है। धान की करीब 100 से अधिक बोरियां भीग गई। हालांकि किसान अपनी फसल बेचकर जा चुके थे। वहीं दोपहर बाद धूप निकलने के बाद कर्मचारी इन्हें सुखाने में लग गए।

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72 घंटे में दे सूचना, मिलेगा मुआवजा

बरसात व ओलावृष्टि के बाद कृषि विभाग ने आदेश जारी कर दिए कि अगर जिस किसान की फसल खराब हुई है वो 72 घंटे के अंदर अपने अपने क्षेत्र के एसडीओ या फिर डीडीए कार्यालय में फार्म 1 जमा करवा सकते है। कृषि अधिकारियों की माने तो यह फार्म वहीं किसान जमा करवा सकता है जिसने अपनी फसल का बीमा करवा रखा है। नियम अनुसार चेकिग के बाद उसे मुआवजा भी दिलवाया जाएगा।

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अभी तक मौखिख रूप से सूचना मिली है कि जिले में कई गांवों में ओलावृष्टि हुई है। बृहस्पतिवार को अधिकारियों को खेतों में भेजा जाएगा और सर्वें करवाया जाएगा। जिन किसानों के खेत में जलभराव या फिर ओलावृष्टि हुई वो किसान फार्म 1 जमा करवा सकता है। किसान टोहाना में एसडीओ व फतेहाबाद के किसान डीडीए कार्यालय में फार्म जमा करवा सकते है। ये फार्म 72 घंटे के अंदर जमा करवाना होगा।

::डा. बलवंत सहारण, उपकृषि निदेशक, फतेहाबाद।

Posted By: Jagran