विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 16, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

गर्भवती महिला बोली- मां, नानी और भाई ने दो लाख बेच दिया

By Kamlesh BhattEdited By:
Published: Fri, 16 Jun 2017 08:56 PM (IST)Updated: Sat, 17 Jun 2017 10:50 AM (IST)

एक विवाहिता की उसके ही परिजनों ने जबरन दूसरी शादी करवा दी। महिला ने मामले की शिकायत पुलिस में दी है।

गर्भवती महिला बोली- मां, नानी और भाई ने दो लाख बेच दिया
गर्भवती महिला बोली- मां, नानी और भाई ने दो लाख बेच दिया

जेएनएन, फतेहाबाद। एक विवाहिता ने अपनी मां, नानी और भाई पर उसका गर्भ गिराने का प्रयास करने और उसे बेचने को आरोप लगाया। महिला ने कहा कि मां, नानी और भाई ने दो लाख रुपये लेकर उसका दूसरा विवाह किसी अन्य व्यक्ति से करा दिया। महिला अपने पति और अन्य लोगों के साथ महिला थाने पहुंची और लिखित में शिकायत दी।

गुरुनानकपुरा निवासी महिला ने बताया कि 19 जुलाई 2016 को उसका विवाह महमड़ा निवासी बलवंत के साथ हुआ था। जब वह गर्भवती थी तो उसकी मां राणो बाई उसे अपने साथ गुरुनानकपुरा ले आई। उसने आरोप लगाया कि मायके में लाने के बाद उसकी मां के साथ उसकी नानी तारो बाई व बिचौलिया पूजा ने कहा कि अब तुझे दोबारा ससुराल जाने की जरूरत नहीं, तेरे लिए एक अच्छा जमींदार देख रखा है।

यह भी पढ़ें: धार्मिक स्थल के निकट चल रहा था देहव्यापार, छह महिलाएं व तीन पुरुष काबू

महिला के मुताबिक, इस पर उसने कहा कि वह गर्भवती है और सुबह ही अपने पति के पास चली जाएगी। आरोप है कि उक्त लोगों के अलावा उसके भाई गुरप्रीत ने उसका गर्भ गिराने का प्रयास किया और उसके पति को जान से मारने की धमकी दी।

27 मई को उससे कहा गया कि उसके पति बलवंत को कुकड़ावाली निवासी रमेश गुर्जर ने बंधक बना लिया है और अगर उसने रमेश के साथ विवाह नहीं किया तो उसके पति को जान से मार दिया जाएगा। इसके बाद उसी दिन फतेहाबाद में रमेश के साथ उसका विवाह कर दिया गया। महिला के अनुसार रमेश ने उसे बताया कि इस विवाह की एवज में राणो व तारो बाई ने उससे दो लाख रुपये लिए हैं।

महिला थाना प्रभारी पुष्पा सिहाग ने बताया कि पीडि़त महिला की शिकायत पर अभियुक्त राणोबाई, तारोबाई, पूजा, गुरप्रीत व रमेश के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। जल्द ही अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। डीएसपी रविंद्र तोमर का कहना है कि मामले में पुलिस के पास शिकायत आ गई थी, लेकिन मामले की जांच पड़ताल की जा रही थी। जांच के बाद पुलिस को लगा कि एफआइआर दर्ज करना बनता है तो शुक्रवार को दर्ज कर लिया गया। थाना प्रभारी द्वारा पीडि़त महिला को धमकाने जैसी कोई सामने नहीं आई है।

यह भी पढ़ें: माेबाइल से बात करने पर डांटा तो नहर में कूदीं दो बहनें, एक की मौत