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फतेहाबाद में पांच साल से अनदेखी का शिकार हुए 672 मतदाता, अब आर-पार की लड़ाई के मूड में; प्रशासन को दी चेतावनी

Published: Fri, 18 Sep 2026 03:17 PM (IST)

नई बस्ती के 672 मतदाताओं ने जाखल ग्राम पंचायत में शामिल होने या अलग पंचायत बनाने की मांग को लेकर ...और पढ़ें

टोहाना एसडीएम को ज्ञापन सौंपते हुए ग्रामीण (जागरण फोटोः

 टोहाना एसडीएम को ज्ञापन सौंपते हुए ग्रामीण (जागरण फोटोः

HighLights

  1. नई बस्ती के 672 मतदाताओं ने एसडीएम को मांगपत्र सौंपा

  2. जाखल ग्राम पंचायत में शामिल करने या अलग पंचायत बनाने की मांग

  3. नगरपालिका में जोड़ने पर गुरुद्वारा बस्ती अंडरपास पर धरने की चेतावनी

जागरण संवाददाता, पंचकूला। स्थानीय नई बस्ती के 672 मतदाताओं और करीब 2000 की आबादी को पंचायत व्यवस्था में शामिल करने का मामला एक बार फिर गरमा गया है। पिछले पांच वर्षों से प्रशासनिक व्यवस्था के बीच फंसे बस्तीवासियों ने अब सरकार और प्रशासन के समक्ष आर-पार की लड़ाई का रुख अपना लिया है।

बस्ती के लोगों ने एकजुट होकर टोहाना एसडीएम को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें नई बस्ती को जाखल गांव ग्राम पंचायत में शामिल करने या फिर इसे अलग ग्राम पंचायत का दर्जा देने की मांग रखी गई।

बस्तीवासियों का कहना है कि वे बीते पांच सालों में बीडीपीओ, डीसी, एसडीएम से लेकर मुख्यमंत्री तक गुहार लगा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है। वे चाहते हैं कि उन्हें बाकायदा ग्राम पंचायत का हिस्सा बनाकर स्थानीय स्तर पर विकास और पंचायती व्यवस्था में भागीदारी दी जाए।

नगरपालिका में शामिल करने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी

एसडीएम को मांगपत्र सौंपने के दौरान बस्ती के लोगों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि यदि उन्हें ग्राम पंचायत में शामिल करने के बजाय पुन नगरपालिका का हिस्सा बनाने की कोशिश की गई, तो इसका तीखा विरोध किया जाएगा।

उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी स्थिति में वे गुरुद्वारा बस्ती अंडरपास पर धरना-प्रदर्शन करेंगे और अपनी मांगों को पूरा कराने के लिए किसान संगठनों तथा सामाजिक संस्थाओं का भी सहयोग लेंगे। लोगों का तर्क है कि उनकी मांग किसी तरह के राजनीतिक लाभ के लिए नहीं है, बल्कि यह उनकी स्थायी प्रशासनिक पहचान का सवाल है। वर्षों से लगातार ज्ञापन देने के बाद भी फाइलों का आगे न बढ़ना उनकी नाराजगी का सबसे बड़ा कारण है।

बीडीपीओ से लेकर मुख्यमंत्री तक दर्ज कराई जा चुकी है आपत्ति

बस्ती निवासी जगसीर सिंह, पिंटू राम, हरिचंद गर्ग, पूर्व पार्षद विक्रमजीत, पूर्व सरपंच प्रतिनिधि जीवन कुमार, रामगोपाल, वीरा राम, जन्टा सिंह, कोकी शर्मा, गोल्डी नायक, बिक्की सिंह, अवतार सिंह, सतीश कुमार, विष्णु शर्मा, संजय कुमार और सुखपाल शर्मा सहित कई अन्य लोगों ने रोष व्यक्त किया।

उन्होंने बताया कि बीडीपीओ से लेकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी तक सभी स्तरों पर ज्ञापन भेजे जा चुके हैं, लेकिन स्थिति स्पष्ट न होने से भारी निराशा है। उन्होंने कहा कि जब वे लंबे समय से जाखल क्षेत्र से जुड़े हैं और उनकी सामाजिक तथा दैनिक आवश्यकताएं भी वहीं से पूरी होती हैं, तो उन्हें कानूनी रूप से जाखल ग्राम पंचायत में शामिल किया जाना चाहिए।

ग्राम सभा के प्रस्ताव के बावजूद लटकी फाइलें, ठोस निर्णय की मांग

ग्रामीणों ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस संबंध में जाखल ग्राम पंचायत की ग्राम सभा द्वारा 672 मतदाताओं और नई बस्ती को पंचायत में शामिल करने का प्रस्ताव पहले ही सर्वसम्मति से पारित किया जा चुका है। यह प्रस्ताव उच्च अधिकारियों तक भी भेजा गया, फिर भी फाइलें दफ्तरों में धूल फांक रही हैं।

बस्तीवासियों ने मांग की है कि मामले को सिर्फ पत्राचार तक सीमित न रखकर आगामी पंचायत चुनावों से पहले नियमानुसार ठोस कदम उठाया जाए। अब 2000 की आबादी ने साफ कर दिया है कि नगरपालिका का विकल्प मंजूर नहीं होगा। ऐसे में सभी की नजरें सरकार और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।