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हरियाणा में सीवरेज टैंक में गिरे राजमिस्त्री का 'चमत्कार', 10 दिन बाद जिंदा निकला; दास्तान सुन कांप उठेगी रूह

Published: Tue, 15 Sep 2026 11:20 PM (IST)

राजमिस्त्री गुरमेल सिंह उर्फ गेलीराम 10 दिन तक 20 फीट गहरे सीवरेज टैंक में बिना अन्न-जल के जीवित रहे, जिससे अनाज मंडी की सुरक्षा व्यवस्था की खामियां सामने आईं।

20 फीट गहरे खुले सीवरेज टैंक में गिरा राजमिस्त्री, 10 दिन बाद जिंदा निकला गेलीराम।

20 फीट गहरे खुले सीवरेज टैंक में गिरा राजमिस्त्री, 10 दिन बाद जिंदा निकला गेलीराम।

HighLights

  1. गेलीराम 10 दिन तक 20 फीट गहरे सीवरेज टैंक में जीवित रहे

  2. खुले टैंक और टूटे दरवाजे ने सुरक्षा व्यवस्था की खामियां उजागर कीं

  3. मानसिक स्थिति बिगड़ने के कारण गेलीराम टैंक में गिरे थे

हनीश जिंदल, कुलां। 51 वर्षीय राजमिस्त्री गुरमेल सिंह उर्फ गेलीराम का 20 फीट गहरे और करीब 10 फीट चौड़े सीवरेज टैंक में 10 दिन तक बिना अन्न-जल के जीवित रहना अब भी पहेली बना हुआ है। हालांकि गेली राम के सुरक्षित मिलने की घटना ने अनाज मंडी में सुरक्षा व्यवस्था की खामियों को भी सामने ला दिया। जिस कमरे में टैंक था, उसका दरवाजा टूटा हुआ था और टैंक खुला पड़ा था।

धारसूल मार्केट कमेटी प्रशासन ने अब मामले का संज्ञान लिया है। मार्केट कमेटी सचिव ईश्वर ढाका ने बताया कि जल्द ही टैंक को स्थायी रूप से बंद कर दिया जाएगा, ताकि भविष्य में इस तरह की कोई दुर्घटना न हो।

गौरतलब है कि धारसूल कलां अनाज मंडी में झाड़ियों के पीछे बने एक कमरे के खुले टैंक से सोमवार सुबह कराहने की आवाज आने पर ग्रामीणों द्वारा गेलीराम को बाहर निकाला गया था। टोहाना नागरिक अस्पताल में जांच के बाद उनकी हालत सामान्य मिली।

हैरान कि बात है कि गंदे पानी और नमी के बीच 10 दिन गुजारने के बावजूद उनके शरीर या त्वचा पर गलने अथवा गंभीर चोट का कोई निशान नहीं मिला। वह अब घर पर हैं और सामान्य रूप से बातचीत कर रहा है, लेकिन उसे इन 10 दिनों की कोई जानकारी याद नहीं है। वह यह भी नहीं बता पा रहे कि टैंक तक कैसे पहुंचा, उसमें कैसे गिरा और इतने दिन तक बिना खाए-पिए कैसे जीवित रहा।

दरअसल, खरीद सीजन में मंडी में ही शौचालय का इस्तेमाल होता है और मंडी में सीवरेज लाइन भी नहीं है। सीजन खत्म होने के साथ ही सीवरेज टैंक को साफ करवा दिया जाता है, जिस कारण टैंक में पानी और गंदगी की मात्रा ना के बराबर ही थी।

चार महीने पहले बिगड़ी थी मानसिक स्थिति

स्वजन से बातचीत और घटनास्थल की पड़ताल में सामने आया कि इलाके में नामी राजमिस्त्री के तौर पर पहचान रखने वाला गेली राम करीब चार महीने पहले साइकिल से काम पर जाते समय कार की चपेट में आ गया था। हादसे में गंभीर चोट लगने के बाद उसकी मानसिक स्थिति अधिक बिगड़ गई।

इसके बाद उसने काम पर जाना छोड़ दिया था। स्वजन के अनुसार तीन साल पहले भी उसे मानसिक परेशानी हुई थी, जिसका इलाज करवाया हुआ था। माना जा रहा है कि इसी मानसिक परेशानी के दौरान वह अनाज मंडी में झाड़ियों के पीछे बने उस कमरे में पहुंचा, जिसका दरवाजा टूटा हुआ था। कमरे के अंदर सीवरेज टैंक खुला था जिसमें वह गिर गया।

5 सितंबर को घर से निकला, फिर शुरू हुई तलाश

गेली राम के भाई मेला राम के अनुसार, 5 सितंबर को पूरा परिवार गोगा मेड़ी धाम माथा टेकने गया था। इसी दौरान गेली राम घर से निकल गया और वापस नहीं लौटा। स्वजन ने कुलां पुलिस चौकी में उनकी गुमशुदगी दर्ज कराई।

इसके बाद परिवार ने गेलीराम को तलाशने के लिए दिन-रात एक कर दिया। पटियाला के मंदिर, खाटू श्याम और गोगा मेड़ी सहित कई धार्मिक स्थलों पर उनकी तलाश की गई। आसपास की नहरों में गोताखोरों की मदद से भी खोज अभियान चलाया गया, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।

10वें दिन कराहने की आवाज ने बदली तस्वीर

सोमवार सुबह तलाश के दौरान पूरी घटना ने नया मोड़ लिया। एक ग्रामीण इलाके में सैर कर रहा था, जबकि गेलीराम के चचेरे भाई दलबारा सिंह और भतीजे भी आसपास उनकी तलाश कर रहे थे। तभी झाड़ियों की तरफ बने टैंक से कराहने की आवाज सुनाई दी। आवाज सुनकर लोग मौके पर पहुंचे तो गेलीराम अंदर पड़ा मिला। ग्रामीणों ने रस्सियों की मदद से उन्हें 20 फीट गहरे टैंक से बाहर निकाला।