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हरियाणा: किसान ID के फेर में फंसी सम्मान निधि, फतेहाबाद के 27 हजार अन्नदाताओं की किस्त पर छाए संकट के बादल

Published: Tue, 20 Oct 2026 04:05 PM (IST)

फतेहाबाद में 27 हजार किसानों की पीएम किसान सम्मान निधि की अगली किस्त पर संकट मंडरा रहा है, क्योंकि उन्होंने अभी तक किसान आईडी नहीं बनवाई है।

फोटो एआई द्वारा जनरेट की गई है।

फोटो एआई द्वारा जनरेट की गई है।

HighLights

  1. फतेहाबाद में 27 हजार किसानों की सम्मान निधि किस्त अटकी

  2. पीएम किसान योजना के लिए किसान आईडी बनवाना जरूरी

  3. एग्रीस्टैक पहल से भूमि रिकॉर्ड का डिजिटल सत्यापन होगा

जागरण संवाददाता, फतेहाबाद। दो-दो हजार रुपये की प्रधानमंत्री सम्मान निधि के इंतजार में बैठे किसानों पर अब किसान आइडी का पेच पड़ सकता हैं। जिले में करीब 27 हजार किसानों की अगली किस्त पर संकट मंडरा रहा हैं।

जिले में के 82 हजार 200 लाभार्थियों में से अब तक महज 55 हजार 67 किसानों ने ही किसान आइडी बनवाई हैं। जून में पिछली किस्त जारी होने के बाद अब किसानों की नजर दीपावली से पहले आने वाली अगली किस्त पर टिकी हैं, लेकिन पंजीकरण अधूरा रहा तो उनकी उम्मीदों को झटका लग सकता हैं।

सरकार एग्रीस्टैक के जरिए किसान रिकॉर्ड तैयार कर रही हैं और जमीन के रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा हैं। ऐसे में किसानों के लिए समय रहते किसान आइडी बनवाना और अपने दस्तावेजों का सत्यापन करवाना जरूरी हो गया हैं। वहीं, किसानों को अपनी किसान आइडी और पीएम किसान योजना की ई-केवाईसी की स्थिति भी जांचनी चाहिए।

3.69 लाख जमीन मालिकों का रिकॉर्ड , किसान आइडी बनाने पर जोर

सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार जिले में में 3 लाख 69 हजार 291 लोगों के नाम जमीन दर्ज हैं। वहीं, एग्रीस्टैक के तहत अब तक जिले में में 80 हजार 971 किसान आइडी बनाई जा चुकी हैं।

उनमें से 57 हजार वे किसान हैं जिनको पीएम सम्मान निधि की किस्त मिलती हैं। किसान आइडी के माध्यम से जमीन और किसान से जुड़ी जानकारी को डिजिटल रिकॉर्ड में जोड़ा जा रहा हैं, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने में पारदर्शिता लाई जा सके।

एग्रीस्टैक पोर्टल पर ऐसे बनवाएं किसान आइडी

किसान हरियाणा किसान रजिस्ट्री के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर पंजीकरण संबंधी जानकारी ले सकते हैं। इसके अलावा नजदीकी सीएससी पर भी सहायता प्राप्त की जा सकती हैं।

पंजीकरण के लिए आधार कार्ड, आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर और जमीन से संबंधित जमाबंदी व अन्य राजस्व रिकॉर्ड साथ रखना उपयोगी रहेगा। पोर्टल पर विवरण दर्ज होने के बाद जमीन के रिकॉर्ड का सत्यापन किया जाता हैं।

किसान आइडी बनाने के फायदे 

किसान आइडी से किसानों की पहचान और भूमि संबंधी रिकॉर्ड डिजिटल रूप से जोड़े जा सकेंगे, जिससे सरकारी योजनाओं का लाभ देने की प्रक्रिया आसान हो सकती हैं।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ, किसान की पहचान और जमीन का रिकॉर्ड एक जगह उपलब्ध होने से विभिन्न कृषि योजनाओं में सत्यापन आसान हो सकता हैं।

डिजिटल रिकॉर्ड से किसान की जमीन और कृषि संबंधी जानकारी को व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी। अलग-अलग योजनाओं में किसान की जानकारी पहले से डिजिटल रूप में उपलब्ध होने पर दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया आसान हो सकती हैं। किसान आइडी भविष्य में कृषि ऋण तथा दूसरी किसान-केंद्रित सेवाओं के लिए पहचान और सत्यापन में उपयोगी हो सकती हैं।