हरियाणा: बरसात से धान कटाई पर ब्रेक, 3.20 लाख एकड़ में खड़ी फसल पर मार; मंडियों में 43 हजार टन उठान बाकी
पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से फतेहाबाद में हुई वर्षा ने धान की कटाई रोक दी है, जिससे 3.20 लाख एकड़ ...और पढ़ें

करनाल की असंध अनाज मंडी में भीगा धान (जागरण फोटो)
HighLights
फतेहाबाद में बारिश से धान की कटाई रुकी
3.20 लाख एकड़ धान फसल खेतों में खड़ी
मंडियों में 43 हजार टन धान का उठान बाकी
जागरण संवाददाता, फतेहाबाद। पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव से वीरवार अलसुबह हुई वर्षा ने जिले में धान की कटाई रोक दी। चार लाख एकड़ में लगी फसल में से महज 20 प्रतिशत की कटाई हुई है। शेष 80 प्रतिशत यानी 3.20 लाख एकड़ में फसल खेतों में खड़ी है। बरसात, हवा और ओलावृष्टि से पककर तैयार धान प्रभावित हुआ।
मंडियों व खरीद केंद्रों में खुले आसमान के नीचे पड़ी उपज भीग गई, जबकि खरीदे गए धान में से 43,419 मीट्रिक टन का उठान बाकी है। चिंदड़ और खाराखेड़ी सहित कुछ गांवों में हल्की ओलावृष्टि भी हुई। वर्षा के बाद 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली पूर्वी हवा के कारण धान जमीन पर बिछ गया।
इससे दाने दागी होने और गुणवत्ता घटने की आशंका है। नमी बढ़ने से खेतों में कंबाइन चलाना मुश्किल होगा। अगले दो से तीन दिन कटाई प्रभावित रहेगी। किसानों को मंडियों में भीगे धान की बढ़ी नमी से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बिक्री में परेशानी आएगी। प्रशासन ने संबंधित पटवारियों से प्रभावित क्षेत्रों की रिपोर्ट मांगी है।
जाखल में 36 एमएम बरसात, टोहाना में जलभराव
जाखल में सर्वाधिक 36 मिलीमीटर वर्षा दर्ज हुई। टोहाना में 17, फतेहाबाद में 10, भूना में नौ, कुलां में छह, भट्टूकलां में पांच और रतिया में तीन मिलीमीटर बरसात हुई। जाखल व टोहाना के निचले इलाकों में जलभराव से लोग परेशान हुए। टोहाना शहर में समस्या अधिक रही। नरमा-कपास की चुनाई प्रभावित हुई, जबकि सरसों और गेहूं की अगेती बिजाई के लिए नमी फायदेमंद रहेगी। सिंचाई की जरूरत नहीं पड़ेगी।
तापमान पांच डिग्री लुढ़का, आज भी बरसात संभव
बुधवार का अधिकतम तापमान 33 डिग्री था, जो वीरवार को 28 डिग्री सेल्सियस रह गया। न्यूनतम तापमान 25 डिग्री दर्ज हुआ। ठंडी हवा से हल्की ठंड ने दस्तक दी। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार के कृषि मौसम विज्ञान विभागाध्यक्ष डा. मदन खिचड़ के अनुसार आज भी आंशिक बादल और कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम वर्षा संभव है। बाद में मौसम खुश्क रहेगा और उत्तर-पश्चिमी हवा चल सकती हैं। रातें ठंडी होने से गेहूं की बिजाई जल्दी शुरू होने की संभावना है।
किसान बोले, कटाई और बिक्री दोनों की चिंता
किसान राजेंद्र, मनदीप, विनोद और हरदीप ने बताया कि उनकी धान की फसल पककर तैयार है, लेकिन वीरवार की वर्षा ने कटाई रोक दी। खेतों में नमी बढ़ने और जमीन गीली होने से कंबाइन नहीं चल पाएगी। अगले दो से तीन दिन कटाई करना मुश्किल लग रहा है। हवा के साथ हुई बरसात से धान की फसल बिछ गई है, वहीं मंडियों और खरीद केंद्रों में लाई गई धान भी भीग गई। नमी के कारण फसल बेचने में परेशानी और उचित भाव नहीं मिलने की चिंता सता रही है।
| विवरण | मात्रा / प्रतिशत |
| कुल आवक | 1,27,289 मीट्रिक टन |
| अब तक कुल खरीद | 65,702 मीट्रिक टन |
| अब तक हुआ उठान | 22,283 मीट्रिक टन |
| उठान होना बाकी | 43,419 मीट्रिक टन |
| धान उठान का प्रतिशत | 34% |
बरसात के बाद जहां पकी हुई धान की फसल खेतों में बिछी है, ऐसी स्थिति में दानों की गुणवत्ता प्रभावित होने और दाग लगने की आशंका रहती है। जिन किसानों की बीमित फसल को नुकसान हुआ है, वे 72 घंटे के भीतर स्थानीय कृषि विभाग कार्यालय में इसकी सूचना दें, ताकि नुकसान का सर्वे कराया जा सके और बीमा क्लेम की प्रक्रिया समय पर आगे बढ़े। वर्षा से खेतों में नमी बढ़ी है, इसलिए कटाई में परेशानी आएगी। -मुकेश मेहला, एसडीएओ।
