जागरण संवाददाता, फतेहाबाद :

प्रदेश सरकार ने फतेहाबाद जिले के 93 स्कूलों को राजकीय माडल संस्कृति स्कूल का दर्जा दिया है। इनमें से छह सीनियर सेकेंडरी है तो 87 प्राइमरी स्कूल है। इन स्कूलों में अंग्रेजी माध्यम से कक्षाएं शुरू होनी है। कक्षाएं तो लग रही है लेकिन अंग्रेजी माध्यम से शुरू नहीं हो पाई है। स्कूल में न तो अध्यापक है और न ही शौचालय आदि की व्यवस्था है। ऐसे में सीनियर माडल स्कूल फतेहाबाद में बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में राजकीय माडल संस्कृति प्राइमरी स्कूल के मुख्याध्यापकों को बुलाया गया। इसके अलावा जिले के छह खंडों के जेई व एबीआरसी आदि को बुलाया गया था। इस बैठक की अध्यक्षता शिक्षा विभाग के जिला परियोजना अधिकारी वेद सिंह दहिया ने किया। ---------------------------------------- 45 स्कूलों के मुख्याध्यापकों ने कहा नहीं अध्यापक इस बैठक में फतेहाबाद, भट्टूकलां, टोहाना, जाखल, रतिया व भूना खंड के स्कूलों के मुख्याध्यापकों ने भाग लिया। बैठक में 45 स्कूलों में 160 अध्यापकों की मांग की। ऐसे में इतनी बड़ी संख्या में अध्यापक भेजना भी मुश्किल होगा। ऐसे में माना जा रहा है कि शिक्षा विभाग अब इस डिमांड को उच्चाधिकारियों के पास रखेगा। अगर ऐसा होता तो जिले में अनेक अध्यापक मिल जाएंगे। शिक्षा विभाग के अनुसार पहली से दूसरी कक्षा में 25 विद्यार्थियों पर एक अध्यापक तो तीसरी से पांचवीं तक 30 विद्यार्थियों पर एक अध्यापक होना चाहिए। इसी रिपोर्ट को उच्चाधिकारियों को भेज दिया। ---------------------------------------- 50 से अधिक स्कूलों में शौचालयों की हालत खस्ता माडल संस्कृति स्कूल में हर प्रकार की व्यवस्था होनी चाहिए। वहां पर कमरों के अलावा शौचालयों की हालत भी ठीक होनी चाहिए। लेकिन इस बैठक में 50 से अधिक स्कूल संचालकों ने कहा कि उनके यहां शौचालय ठीक नहीं है। ऐसे में संबंधित खंड के जेई को नोट करवा दिया गया है। अब स्कूल में जाकर इसका एस्टिमेट तैयार किया जाएगा। मंगलवार को छह खंडों में ट्रेनिग भी आयोजित की जाएगी। --------------------------------- माडल संस्कृति स्कूलों में क्या व्यवस्था इसके को लेकर बैठक आयोजित की गई थी। जिसमें मुख्याध्यापकों ने अपनी बात रखी है। 160 से अधिक अध्यापकों की मांग की गई है और अनेक स्कूलों में शौचालय आदि की व्यवस्था न होने की बात सामने आई है। अब पूरी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को दी जाएगी। वेद सिंह दहिया, जिला परियोजना अधिकारी शिक्षा विभाग।

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