फतेहाबाद के सरकारी स्कूलों में खेल सुविधाओं का होगा कायाकल्प, 1.57 करोड़ का बजट जारी
सरकारी स्कूलों में खेल सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए फतेहाबाद जिले को 1.57 करोड़ रुपये का बजट मिला है।

फतेहाबाद के सरकारी स्कूलों में खेल सुविधाओं का होगा कायाकल्प (फाइल फोटो)
HighLights
फतेहाबाद के सरकारी स्कूलों को 1.57 करोड़ रुपये का बजट।
157 स्कूलों को मिलेंगे एक-एक लाख रुपये खेल सुविधाओं हेतु।
ऑनलाइन पोर्टल पर खेल सुविधाओं की जानकारी देनी होगी।
जागरण संवाददाता, फतेहाबाद। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए खेलों के मैदान में अब सुविधाएं बढ़ाने की तैयारी है। स्कूलों में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए 1.57 करोड़ रुपये का बजट जारी किया है।
इसके तहत फतेहाबाद जिले के 157 हाई व सीनियर सेकेंडरी स्कूलों को एक-एक लाख रुपये की राशि मिलेगी। बजट से स्कूलों में खेलों से संबंधित जरूरी सामान और सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। विभाग का उद्देश्य सरकारी स्कूलों में खेल प्रतिभाओं को बेहतर मंच देना और विद्यार्थियों को स्कूल स्तर से ही खेलों के लिए तैयार करना है।
जिले में 36 हाई स्कूल और 121 सीनियर सेकेंडरी स्कूल शामिल हैं। विभाग को यह बजट 31 मार्च 2027 तक खर्च करना होगा। आरोही स्कूलों समेत पात्र स्कूलों को बजट का वितरण संबंधित जिला शिक्षा अधिकारियों (डीईओ) के माध्यम से किया जाएगा। हालांकि एक-एक लाख रुपये की राशि स्वीकृत कर दी गई है।
पोर्टल पर बतानी होगी खेल सुविधाओं की स्थिति
शिक्षा विभाग ने स्कूलों में उपलब्ध खेल सुविधाओं का पूरा रिकॉर्ड तैयार करने के लिए आनलाइन स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर पोर्टल भी शुरू किया है। इसके माध्यम से प्रत्येक स्कूल को अपने यहां उपलब्ध खेल मैदान, खेल उपकरण और अन्य सुविधाओं की जानकारी आनलाइन अपलोड करनी होगी। इसके अलावा स्कूलों को यह भी बताना होगा कि उनके यहां किन खेल सुविधाओं की जरूरत है।
इससे विभाग के पास जिले के प्रत्येक स्कूल की खेल सुविधाओं का डिजिटल रिकार्ड तैयार होगा और भविष्य में बजट तथा संसाधनों की जरूरत तय करने में भी मदद मिलेगी।
स्कूल स्तर पर खेल प्रतिभाओं की पहचान होने के बाद उन्हें ब्लॉक, जिला और राज्य स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने में भी मदद मिलेगी। विभाग की डिजिटल मैपिंग के जरिए यह भी सामने आएगा कि किस स्कूल में मैदान उपलब्ध है, कहां खेल उपकरण हैं और किन स्कूलों को अतिरिक्त सुविधाओं की जरूरत है।
प्रत्येक स्कूलों को एक-एक लाख रुपये दिए जाएंगे। जिससे खेलों के सामान खरीदने के साथ मैदान की सफाई आदि करवा सकते है। डिमांड भी मांगी गई है ताकि रुपये का प्रयोग सही तरीके से हो सके। -संगीता बिश्नोई, जिला शिक्षा अधिकारी।
